मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
पंजाब

पंजाब में 30 साल बाद बढ़ा भूजल स्तर, भाखड़ा बांध की सुरक्षा और नशे पर सरकार ने क्या कहा

पंजाब के भूजल स्तर में लगभग तीन दशकों में पहली बार सुधार दर्ज किया गया है, साथ ही सरकार ने भाखड़ा बांध की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री बरिंदर…

पंजाब में 30 साल बाद बढ़ा भूजल स्तर, भाखड़ा बांध की सुरक्षा और नशे पर सरकार ने क्या कहा
(फोटो: IANS)

पंजाब के भूजल स्तर में लगभग तीन दशकों में पहली बार सुधार दर्ज किया गया है, साथ ही सरकार ने भाखड़ा बांध की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने चंडीगढ़ में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में जल प्रबंधन और नहर प्रणाली में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

विज्ञापन

गोयल के अनुसार, इन प्रयासों से भूजल के दोहन में लगभग 14 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2021-22 में जहाँ भूजल का 164 प्रतिशत तक दोहन हो रहा था, वह अब घटकर करीब 152 प्रतिशत पर आ गया है। इस सुधार की पुष्टि केंद्र के जल संसाधन मंत्री और केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में भी की गई है।

भूजल की स्थिति में सुधार

आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में अति-शोषित (ओवर-एक्सप्लॉइटेड) ब्लॉकों की संख्या में कमी आई है। 2022 में ऐसे 117 ब्लॉक थे, जो अब घटकर 110 रह गए हैं। इसके विपरीत, सुरक्षित श्रेणी के ब्लॉकों की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई है, जबकि क्रिटिकल श्रेणी में ब्लॉकों की संख्या 15 से बढ़कर 17 हुई है।

भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित

भाखड़ा बांध में कथित झुकाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर मंत्री ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध का झुकाव उसकी डिजाइन का ही एक हिस्सा है और यह कोई खतरा नहीं है। बरिंदर गोयल ने बताया कि 1995 से 2025 के बीच ऐसा झुकाव लगभग 15 बार दर्ज किया जा चुका है। डिजाइन के तहत इसमें 1.03 इंच तक का डिफ्लेक्शन संभव है, जो पानी का दबाव कम होने पर सामान्य हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और विदेशी विशेषज्ञों ने भी इसकी मजबूती की प्रशंसा की है।

नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई

नशे के मुद्दे पर सांसद रवनीत सिंह बिट्टू की टिप्पणियों का जवाब देते हुए गोयल ने कहा कि सरकार इस समस्या के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने माना कि नशा 100 प्रतिशत खत्म नहीं हुआ है, लेकिन तस्करों के लिए अब खुलेआम काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने दावा किया कि कई तस्कर जेल में हैं और कुछ फरार हैं, जबकि नशे के कारोबार से बनाई गई संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है, जिसमें कुछ मकानों को गिराना भी शामिल है।

इनपुट: IANS

N

News4Social पंजाब डेस्क

News4Social पंजाब डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से पंजाब से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →