कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी गिरफ़्तार, लापरवाही बरतने पर 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में दो बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। समाचार…
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में दो बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मंगलवार तड़के एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी नौशाद को गिरफ़्तार कर लिया है, जबकि लापरवाही के आरोप में सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव में यह धमाका हुआ था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत के साथ-साथ आसपास के छह मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के संबंध में पिपरी थाने में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी पकड़ा गया
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए चार टीमें गठित की गई थीं। सीओ शिवांक सिंह ने बताया कि मंगलवार तड़के करीब चार बजे एक मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी नौशाद शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। चरवा थाना क्षेत्र में तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा भी बरामद हुआ है। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा गया है।
निलंबित लाइसेंस के बावजूद चल रही थी फैक्ट्री
जांच में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च, 2026 तक वैध था, लेकिन अनियमितताओं के कारण इसे 4 अप्रैल, 2024 को ही निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद नौशाद अवैध रूप से पटाखा बनाने और भंडारण का काम करता रहा। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी ने 9 अक्टूबर, 2024 को एक मुकदमा भी दर्ज कराया था और आरोपी को जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद उसने फिर से अवैध काम शुरू कर दिया था।
लापरवाही पर 7 पुलिसकर्मी निलंबित
लाइसेंस निलंबित होने और मुकदमा दर्ज होने के बावजूद फैक्ट्री में अवैध गतिविधियों को न रोक पाने की लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पिपरी थाना और चायल चौकी में तैनात रहे सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शिवचरण राम (वर्तमान तैनाती - साइबर थाना, कौशांबी) के अलावा उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी शामिल हैं। ये सभी अधिकारी पूर्व में पिपरी थाने या संबंधित चौकी में तैनात रह चुके हैं।
इनपुट: IANS



