ग्रेटर नोएडा: कंपनी से 50 लाख के मोबाइल चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो एक लॉजिस्टिक कंपनी से मोबाइल फोन चुराकर उन्हें बाजार में कम कीमत पर बेच देता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो एक लॉजिस्टिक कंपनी से मोबाइल फोन चुराकर उन्हें बाजार में कम कीमत पर बेच देता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से करीब 50 लाख रुपये कीमत के 154 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
पुलिस ने आरोपियों को 31 अगस्त, 2026 को थाना बीटा-2 क्षेत्र के पीपल वाला गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान केशव कुमार (30), मनोज कुमार (25), रवि कुमार (32), विनीत उर्फ मसना (23), मोहम्मद शोएब (24) और हसीबुर्रहमान (32) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इनके पास से 2.50 लाख रुपये नकद और अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई है।
ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार है, जो पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। वह बीटा-2 थाना क्षेत्र के साइट-4 स्थित एक्सप्रेस बीज लॉजिस्टिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में कंटेनर चालक के तौर पर काम करता था। कंपनी से जब ऑर्डर डिलीवरी के लिए मोबाइल फोन भेजे जाते थे, तो केशव अपने साथियों के साथ कंटेनर की सील तोड़ देता था। इसके बाद वे मोबाइल के कार्टूनों से चिट हटाकर फोन निकाल लेते थे और फिर उन्हें अलग-अलग जगहों पर कम दाम में बेच देते थे।
कंपनी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कंपनी में हुए ऑडिट के दौरान 165 मोबाइल फोन गायब पाए गए। इसके बाद कंपनी के मैनेजर ने 24 जुलाई, 2026 को थाना बीटा-2 में चालक केशव कुमार और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और तकनीकी सबूतों के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, मास्टरमाइंड केशव कुमार के खिलाफ अलीगढ़ और गौतमबुद्धनगर के कई थानों में पहले से चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



