केरल के ग्रैंड मुफ़्ती के बयान का बरेली के मौलाना ने किया समर्थन, कहा — 'महिलाएं शरीयत की रोशनी में जिएं'
केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के मुस्लिम महिलाओं को लेकर दिए एक बयान पर छिड़े विवाद के बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी उनके समर्थन में…
केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के मुस्लिम महिलाओं को लेकर दिए एक बयान पर छिड़े विवाद के बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी उनके समर्थन में सामने आए हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि ग्रैंड मुफ्ती का बयान पूरी तरह सही है और इसका उद्देश्य यह है कि महिलाएं शरीयत के बताए रास्ते पर अपना जीवन गुजारें।
बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं को सम्मान दिया गया है, और अगर वे बाहर जाती हैं तो उन्हें पर्दे का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आम तौर पर देखा जा रहा है कि कुछ मुस्लिम महिलाएं बिना हिजाब के बाजारों और पिकनिक स्थलों पर जाती हैं। ऐसे में उनके पहनावे और दूसरे समुदाय की महिलाओं के पहनावे में अंतर दिखाई नहीं देता।”
घर और कामकाज पर राय
रजवी ने आगे स्पष्ट किया कि मुफ्ती की मंशा है कि मुस्लिम महिलाएं सम्मान के साथ रहें। उन्होंने कहा, “महिलाएं घर की जीनत हैं और घर में रहें।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि महिलाएं ऑफिस, स्कूल या कॉलेज जैसे स्थानों पर जाती हैं, तो वे हिजाब पहनकर अपना काम कर सकती हैं। उनके अनुसार, शरीयत के बताए रास्ते पर चलने से हर जगह सम्मान मिलता है।
अन्य विषयों पर भी रखी अपनी बात
मौलाना रजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुस्लिम देशों के साथ संबंधों की भी सराहना की। उज्बेकिस्तान द्वारा पीएम मोदी को सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार दिए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबसे अधिक यात्राएं मुस्लिम देशों की ही की हैं। इसके अलावा, कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री के एक बयान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि किसी मुस्लिम कार्यक्रम में अपने धर्म को श्रेष्ठ बताना गलत नहीं है, क्योंकि यह आस्था का विषय है और भारतीय संविधान इसकी इजाजत देता है।
इनपुट: IANS



