भारत-बेल्जियम संबंध: प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की पहली भारत यात्रा, पीएम मोदी से होगी मुलाकात
भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 सितंबर 2026 से भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS…
भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 सितंबर 2026 से भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पिछले साल फरवरी में पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पीएम बार्ट डी वेवर 2 सितंबर को शाम 7:30 बजे दिल्ली के एएफएस पालम पहुंचेंगे। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
द्विपक्षीय वार्ता और समझौते
यात्रा के दूसरे दिन, 3 सितंबर को, बेल्जियम के प्रधानमंत्री सुबह 11:10 बजे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके ठीक बाद सुबह 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
बैठक के बाद दोपहर 12:55 बजे दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा, जिसके बाद दोनों नेता संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करेंगे। इसी दिन शाम 4:30 बजे, पीएम डी वेवर हयात रीजेंसी होटल में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
दिल्ली से मुंबई तक का कार्यक्रम
अपनी यात्रा के अंतिम दिन, 4 सितंबर को, प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर सुबह 9:30 बजे दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना होंगे। मुंबई में भी उनके कई कार्यक्रम निर्धारित हैं, जिन्हें पूरा करने के बाद वे रात 11:00 बजे भारत से प्रस्थान करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारत-बेल्जियम साझेदारी को और मजबूत करेगी। इससे व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, साथ ही भारत-यूरोपीय संघ के रिश्ते भी गहरे होंगे।
इनपुट: IANS



