चंडीगढ़ में किसानों का सप्ताह भर का पड़ाव, MSP समेत कई मांगों को लेकर सड़क पर उतरे
पंजाब के सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ की सीमाओं पर एक सप्ताह लंबा धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के…
पंजाब के सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ की सीमाओं पर एक सप्ताह लंबा धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ शहर के एक मुख्य प्रवेश मार्ग पर पड़ाव डाल दिया, जिससे शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली व्यस्त सड़क आंशिक रूप से बाधित हो गई।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन 7 सितंबर तक चलेगा। किसानों ने सड़क के एक किनारे टेंट लगा लिए हैं और शाम तक प्रदर्शनकारियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि आस-पास के इलाकों से राशन के साथ और भी किसान पहुंच रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की है।
प्रमुख मांगें और अन्य मुद्दे
किसानों की सबसे प्रमुख मांग डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी है। इसके अलावा, एसकेएम कई अन्य मांगें भी उठा रहा है। इनमें पंजाब के नदी जल से जुड़े सभी पुराने समझौतों को रद्द करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य का प्रतिनिधित्व बहाल करना, बांध सुरक्षा अधिनियम को निरस्त करना और 2024 के आपदा प्रबंधन अधिनियम को वापस लेना शामिल है।
यातायात और प्रशासन की व्यवस्था
इस आंदोलन से हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को दो-लेन वाले राजमार्ग के एक तरफ ही वाहन खड़े करने की अनुमति दी गई है। मोहाली की उपायुक्त कोमल मित्तल ने कहा है कि प्रशासन सड़क पर दोतरफा यातायात के लिए एक हिस्से को खुला रखने का प्रयास करेगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने एसकेएम को सेक्टर 48 में एक विरोध स्थल भी आवंटित किया है, जहाँ प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने के लिए एक मंच बनाया गया है।
कौन-कौन संगठन हैं शामिल?
संयुक्त किसान मोर्चा में 32 किसान संगठन शामिल हैं, जिनमें भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल), कीर्ति किसान यूनियन और पंजाब किसान यूनियन प्रमुख हैं। हालांकि, एसकेएम की एक सहयोगी सदस्य, भारतीय किसान यूनियन (उगराहां), इस विशेष विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है। बीकेयू (उगराहां) ने 30 अगस्त से 17 जिलों में उपायुक्त कार्यालयों के बाहर केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों के खिलाफ अपना अलग अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया हुआ है।
इनपुट: IANS



