पंजाब में पेपर लीक या नकल? मुख्यमंत्री भगवंत मान और विपक्ष के दावों में ज़मीन-आसमान का अंतर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में किसी भी तरह के पेपर लीक होने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे केवल नकल का एक मामला बताया, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई। वहीं, कांग्रेस…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में किसी भी तरह के पेपर लीक होने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे केवल नकल का एक मामला बताया, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई। वहीं, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की ही राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने इन दावों को गलत बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनकी साढ़े चार साल की सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने हालिया फार्मेसी परीक्षा का उदाहरण देते हुए बताया, "सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई और 11:15 बजे हमें पता चला कि एक छात्र ब्लूटूथ-इनेबल्ड पेन से पेपर स्कैन कर रहा था। पुलिस ने तुरंत 10 छात्रों और बाहर से मदद कर रहे 11 लोगों के गिरोह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।"
विपक्ष का हमला और इस्तीफे की मांग
इस मुद्दे पर विपक्ष और यहां तक कि 'आप' सांसद भी सरकार के खिलाफ मुखर हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मान के दावों का खंडन करते हुए कहा, "पंजाब में पेपर लीक हो रहे हैं और मुख्यमंत्री इसे चीटिंग का मामला बता रहे हैं, जो सही नहीं है। पिछले चार साल में छह परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं और इसके लिए भगवंत मान जिम्मेदार हैं।"
उधर, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने संसद भवन परिसर में अन्य सांसदों के साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "भगवंत मान मेरे हिसाब से नशे में धुत मुख्यमंत्री हैं।" मालीवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब में छह पेपर लीक हो चुके हैं और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सरकार का पक्ष और बचाव
भगवंत मान ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर स्पष्ट किया कि यह मामला स्वास्थ्य मंत्री के विभाग के अंतर्गत आता है, शिक्षा मंत्री के नहीं। उन्होंने कहा, "हमारे स्वास्थ्य मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। यह केवल नकल का मामला था और उसे रोक दिया गया।" मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब में 68,855 नौकरियां बिना किसी रिश्वत के केवल मेरिट के आधार पर दी गई हैं।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, लेकिन संसद में इसके खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि गुजरात में हुए पेपर लीक पर कोई कुछ नहीं बोल रहा।
इनपुट: IANS



