विशेषाधिकार हनन पर संग्राम: राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ लाएगी प्रस्ताव
संसद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर टकराव तेज हो गया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी के जवाब में अब…
संसद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर टकराव तेज हो गया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी के जवाब में अब कांग्रेस ने भी केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ ऐसा ही प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने दावा किया कि असल में विशेषाधिकार हनन मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया है। उन्होंने कहा, "जितेंद्र सिंह ने यह कहकर सदन को गुमराह किया कि कोई फायरिंग नहीं हुई।" वेणुगोपाल ने आगे कहा, "इसके साफ सबूत हैं और राहुल गांधी ने खुद सबूत दिखाए कि फायरिंग हुई थी, पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ था और बिहार में एके-47 का भी इस्तेमाल हुआ था। असल में, सदन को किसने गुमराह किया? केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन को गुमराह किया। हम उनके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने जा रहे हैं।"
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव क्या है?
संसदीय नियमों के तहत, जब कोई मंत्री या सांसद सदन में गलत जानकारी देता है, तथ्य छिपाता है या किसी भी तरह से सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ यह प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसका मकसद सदन की गरिमा और सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना होता है।
विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
इस सियासी घमासान पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "भाजपा के अंदर इस बात का कॉम्पिटिशन है कि कौन ज्यादा गाली दे सकता है ताकि पार्टी में उनकी इमेज बेहतर हो सके। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने विशेषाधिकार प्रस्ताव की प्रभावशीलता पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा, "किसी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने से असल में कुछ नहीं होता। असली मुद्दा यह है कि वे पार्लियामेंट को अपनी मर्जी से चलाते हैं और अपनी मर्जी से डिबेट करते हैं।"
पेपर लीक और अन्य विधेयकों पर भी बहस
संसद में चल रही बहस सिर्फ विशेषाधिकार हनन तक सीमित नहीं है। कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (MHT-CET) में पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं क्लास में सिर्फ 40-50 प्रतिशत नंबर लाए थे, वे एमएचटी-सीईटी पास कर पाए हैं। इससे साफ पता चलता है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट के जरिए प्रश्न पेपर लीक हुए थे।"
लोकसभा से पारित 'एंटी-पेपर लीक' विधेयक पर TMC सांसद सौगत रॉय ने संदेह जताते हुए कहा, "अब देखना है कि कोई पेपर लीक होता है या फिर नहीं। पीएम मोदी के आश्वासन पर हम विश्वास नहीं करते।" वहीं JMM सांसद महुआ माजी ने बिल को अच्छा बताते हुए कहा, "इसमें कड़े नियम और कई अच्छे कदम हैं। हालांकि, हमारा मानना है कि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता भी होनी चाहिए।"
इनपुट: IANS



