गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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प्रशांत द्वीप देशों में भारत की विकास परियोजनाएं: जयशंकर ने न्यूयॉर्क में पेश किया रिपोर्ट कार्ड

भारत ने प्रशांत महासागर के द्वीप देशों (Pacific Island Countries) के साथ अपनी विकास साझेदारी की दिशा में हुई प्रगति का ब्योरा दिया है। न्यूयॉर्क में आयोजित भारत-FIPIC (फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक…

प्रशांत द्वीप देशों में भारत की विकास परियोजनाएं: जयशंकर ने न्यूयॉर्क में पेश किया रिपोर्ट कार्ड
(फोटो: IANS)

भारत ने प्रशांत महासागर के द्वीप देशों (Pacific Island Countries) के साथ अपनी विकास साझेदारी की दिशा में हुई प्रगति का ब्योरा दिया है। न्यूयॉर्क में आयोजित भारत-FIPIC (फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन) विदेश मंत्रियों की बैठक में, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणाओं पर हुए काम का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवा से लेकर सौर ऊर्जा और क्षमता निर्माण तक के कई क्षेत्र शामिल हैं।

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डॉ. जयशंकर ने बैठक में कहा, "मैं आप सभी का न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन में हार्दिक अभिनंदन करना चाहूंगा... हमने कई ऐसे प्रोजेक्ट किए हैं जिन्होंने आजीविका को मजबूत करने, क्षमता निर्माण करने और सतत विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत प्रशांत महाद्वीप की '2050 की रणनीति' का पूरी तरह से सम्मान और समर्थन करता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम पहल

फिजी में 100 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन आइलैंड्स, समोआ, पलाऊ, नाउरू, किरिबाती और मार्शल आइलैंड्स को डायलिसिस मशीनें दी जा चुकी हैं, जबकि अन्य सदस्य देशों के लिए यह प्रक्रिया जारी है। विदेश मंत्री ने बताया कि अगले महीने फिजी में एक कृत्रिम लसीका (artificial limbs) उपचार शिविर भी लगाया जाएगा, जिससे लगभग 650 मरीजों को लाभ मिलने की आशा है। साथ ही, 12 सदस्य देशों को समुद्री एम्बुलेंस की आपूर्ति की जा रही है, जिसके मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है।

सौर ऊर्जा और तकनीकी सहयोग

भारत ने 14 प्रशांत द्वीप देशों में 2,800 घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने का काम पूरा कर लिया है। इस पहल के तहत 70 महिला सौर इंजीनियरों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। आईटी के क्षेत्र में, फिजी, पापुआ न्यू गिनी और कुक आइलैंड्स समेत आठ देशों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं और स्थानीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।

क्षमता निर्माण और भविष्य की योजनाएं

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत की विकास साझेदारी दो प्रमुख ढांचों के तहत आगे बढ़ी है - एक FIPIC और दूसरा भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास भागीदारी कोष। उन्होंने बताया कि पापुआ न्यू गिनी में एक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग केंद्र और दक्षिण प्रशांत विश्वविद्यालय में एक सतत तटीय और महासागर अनुसंधान संस्थान स्थापित करने की प्रतिबद्धता पर काम जारी है। उन्होंने कहा, "हालांकि ये हमारी अपेक्षा से धीमी गति से आगे बढ़े हैं, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि वे बहुत हद तक एक प्रतिबद्धता बने हुए हैं।" डॉ. जयशंकर ने प्रशांत द्वीप देशों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा, ताकि क्षेत्र के पेशेवर भारत में अपनी प्राथमिकता के विषयों पर प्रशिक्षण ले सकें।

इनपुट: IANS

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