दिल्ली में प्रदूषण पर सरकार का बड़ा एक्शन: 7 महीनों में 106 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई, 33 को बंद करने का आदेश
दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार ने औद्योगिक इकाइयों पर अपनी निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, इस साल जनवरी से जुलाई के…
दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार ने औद्योगिक इकाइयों पर अपनी निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, इस साल जनवरी से जुलाई के बीच पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली 106 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान कुल 2,011 इकाइयों का निरीक्षण किया गया था।
इन निरीक्षणों में पाया गया कि 106 इकाइयां तय पर्यावरण मानकों का पालन नहीं कर रही थीं। इसके अलावा, 78 फैक्ट्रियां ऐसी भी थीं जो दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) से ‘संचालन की वैध सहमति’ (CTO) लिए बिना ही चल रही थीं।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने इन उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, 44 मामलों में पर्यावरण जुर्माना लगाया गया है, जबकि गंभीर उल्लंघन करने वाली 33 औद्योगिक इकाइयों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया गया है। अन्य मामलों में भी संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया, “दिल्ली को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार पर्यावरण नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को हर संभव सहयोग देगी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वाली या दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाली इकाइयों के प्रति कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्रोत पर ही प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
सिर्फ उद्योग ही नहीं, अन्य स्रोतों पर भी नजर
यह अभियान केवल औद्योगिक प्रदूषण तक ही सीमित नहीं है। सरकार प्रदूषण के अन्य प्रमुख स्रोतों, जैसे सड़क की धूल, वाहनों का धुआं, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां, और खुले में कचरा जलाने के खिलाफ भी सक्रिय रूप से काम कर रही है। जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत किया गया है ताकि प्रदूषणकारी गतिविधियों की तुरंत पहचान कर उन पर रोक लगाई जा सके।
नागरिकों से सहयोग की अपील
सरकार ने इस लड़ाई में नागरिकों को एक अहम भागीदार बताया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि यदि वे कहीं भी औद्योगिक प्रदूषण, कचरा जलाने, या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कोई अन्य गतिविधि देखें तो इसकी सूचना सरकार को दें। इसके लिए नागरिक ‘ग्रीन दिल्ली’ ऐप या ‘एमसीडी 311’ ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि नागरिकों की भागीदारी से नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान और उन पर कार्रवाई में तेजी आएगी।
इनपुट: IANS



