शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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आईफोन से आगे बढ़ेगा Apple? भारत में अन्य उत्पाद बनाने के संकेत, सरकार देसी ब्रांडों को भी देगी बढ़ावा

भारत में आईफोन की सफल मैन्युफैक्चरिंग के बाद अब Apple अपने दूसरे उत्पादों का निर्माण भी यहां शुरू कर सकता है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इस बात के प्रबल…

आईफोन से आगे बढ़ेगा Apple? भारत में अन्य उत्पाद बनाने के संकेत, सरकार देसी ब्रांडों को भी देगी बढ़ावा
(फोटो: IANS)

भारत में आईफोन की सफल मैन्युफैक्चरिंग के बाद अब Apple अपने दूसरे उत्पादों का निर्माण भी यहां शुरू कर सकता है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इस बात के प्रबल संकेत दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि क्या Apple भारत में आईफोन के अलावा अन्य उत्पादों का निर्माण कर सकता है, तो उन्होंने इसका जवाब "हां" में दिया, जिससे देश में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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यह डेवलपमेंट भारत सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश को सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने से आगे बढ़कर एक मजबूत घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के रूप में विकसित करना है। इसी कोशिश के तहत सरकार देश में भारतीय ब्रांड वाले स्मार्टफोन को भी बढ़ावा दे रही है।

अगले 10-14 महीनों में 3 नए भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार तीन संभावित भारतीय स्मार्टफोन कंपनियों के साथ काम कर रही है, जो अगले 10 से 14 महीनों में बाजार में उभर सकती हैं। उन्होंने कहा, "इस समय मुझे अगले 10-14 महीनों में तीन संभावित भारतीय स्मार्टफोन कंपनियां उभरती हुई दिखाई दे रही हैं।"

सरकार ने इन कंपनियों से अपने-अपने सेगमेंट के लिए बेहतरीन डिजाइन विकसित करने को कहा है। साथ ही, उन्हें यह पहचानने के लिए भी कहा गया है कि वे इकोनॉमी, प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम जैसी श्रेणियों में से किसमें सबसे अच्छी तरह प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। वैष्णव के अनुसार, इन भारतीय कंपनियों ने बड़े वॉल्यूम वाले सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, सरकारी समर्थन देने से पहले उनकी बौद्धिक संपदा (IP) और डिजाइन की गुणवत्ता का गहन मूल्यांकन किया जाएगा।

क्या है सरकार की नई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम?

सरकार ने हाल ही में 'मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' (MPMS) को अधिसूचित किया है। इसका उद्देश्य घरेलू मोबाइल फोन निर्माण को मजबूत करना और भारतीय स्मार्टफोन ब्रांडों को उभरने में मदद करना है। इस योजना को दो मुख्य भागों में बांटा गया है:

  • टारगेट सेगमेंट-1: यह मोबाइल फोन की ओवरऑल मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
  • टारगेट सेगमेंट-2: इसका खास मकसद भारतीय मोबाइल फोन ब्रांडों को समर्थन देना है।

इस स्कीम के तहत भारतीय ब्रांडों को अपना कारोबार स्थापित करने और पात्रता पूरी करने के लिए एक साल की तैयारी की अवधि दी जाएगी, जिसके बाद वे वित्तीय प्रोत्साहन का दावा कर सकेंगे।

योजना के लिए पात्रता की शर्तें

MPMS के तहत वे भारतीय मोबाइल फोन निर्माता पात्र होंगे, जिनका वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार कम से कम 10,000 करोड़ रुपए रहा हो। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनियों के लिए इसी वित्त वर्ष में न्यूनतम 1,000 करोड़ रुपए के कारोबार की सीमा रखी गई है। वित्तीय प्रोत्साहन चाहने वाले मौजूदा ब्रांडों को वित्त वर्ष 2025-26 की कुल बिक्री के मुकाबले हर साल 5,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिक्री हासिल करनी होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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