सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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छात्र प्रदर्शन में AK-47 फायरिंग गंभीर मामला, सिर्फ जवान का निलंबन काफी नहीं: NSUI अध्यक्ष

देशभर में पेपर लीक के खिलाफ़ हो रहे छात्र आंदोलनों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में NSUI…

छात्र प्रदर्शन में AK-47 फायरिंग गंभीर मामला, सिर्फ जवान का निलंबन काफी नहीं: NSUI अध्यक्ष
(फोटो: IANS)

देशभर में पेपर लीक के खिलाफ़ हो रहे छात्र आंदोलनों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बिहार के सिवान में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित एके-47 से हुई फायरिंग को एक बेहद गंभीर मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर जब से NEET मामला सामने आया, NSUI लगातार सड़कों पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संगठन और विपक्ष के दबाव के बाद ही पेपर लीक की बात स्वीकार की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए कई जगहों पर वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, जिसमें महिला प्रदर्शनकारियों से भी दुर्व्यवहार की घटनाएं हुईं।

सिवान फायरिंग और कार्रवाई पर सवाल

सिवान की घटना का विशेष उल्लेख करते हुए NSUI अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शनकारी छात्र थे तो उनके खिलाफ़ एके-47 जैसे हथियार का इस्तेमाल क्यों हुआ। उन्होंने कहा, "यह जांच का विषय है कि इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया।" विनोद जाखड़ के अनुसार, केवल संबंधित जवान को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आदेश देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस फायरिंग में घायल एक छात्र अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

छात्रों पर दबाव और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी

विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों और उनके परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "देशभर से छात्रों के फोन आ रहे हैं और कई स्थानों पर आंदोलन में शामिल छात्रों एवं उनके परिवारों के साथ कठोर व्यवहार किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। छात्रों के घरों पर पुलिस दबिश दी जा रही है और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।" उन्होंने बताया कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता शांतनु शेखर समेत कई कार्यकर्ता जेल में बंद हैं और सरकार उनकी रिहाई के लिए कोई पहल नहीं कर रही है।

आंदोलन और आगे की रणनीति

सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाने और कानून लाने जैसे कदमों पर भी जाखड़ ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में 150 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं, ऐसे में सरकार को पहले पुराने मामलों में हुई कार्रवाई का जवाब देना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही पटना जाकर घायल छात्रों, पीड़ित परिवारों और जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। NSUI गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और सिवान फायरिंग समेत सभी बल प्रयोग की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज करेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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