दिल्ली: हिरासत से रिहा होने के बाद अखिलेश यादव की मांग - 'छात्रों पर अत्याचार हुआ, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें'
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह…
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मांग उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत से छोड़े जाने के बाद की। अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री आवास के बाहर एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
देर रात रिहा होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा, "प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के साथ मारपीट हुई और उनके साथ पुलिस ने अन्याय किया है।" उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "नीट में ये लोग फेल हुए, इसलिए अपना गुस्सा छात्रों पर निकाल रहे हैं।" सपा प्रमुख ने सरकार से छात्रों की मांगों को स्वीकार करने और शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाने की अपील की।
सरकार पर दबाव और भ्रष्टाचार का आरोप
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि शिक्षा मंत्री को क्यों नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "शिक्षा मंत्री को न हटाए जाने के पीछे का दबाव समझ नहीं आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि घोटाले और भ्रष्टाचार का खुलासा न हो जाए, इसलिए सरकार मंत्रियों पर दबाव नहीं बना पा रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष युवाओं और छात्रों के हक के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा।
अन्य मुद्दों पर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने देश में बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, "अगर देश इतनी तेजी से तरक्की कर रहा है और आप विकसित भारत का सपना दिखा रहे हैं, तो क्या बेरोजगारी इतने बड़े पैमाने पर बढ़ती रहेगी? अगर बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है, तो इसका मतलब है कि निवेश नहीं आ रहा है।" इसके अलावा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में 20 पेपर लीक होने का भी जिक्र किया, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं।
इस बीच, समाजवादी पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से धरना खत्म करने की अपील की है। पार्टी की ओर से पुष्टि की गई है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ हिरासत में लिए गए सभी सांसदों और नेताओं को छोड़ दिया गया है।
इनपुट: IANS



