शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

पेपर लीक रोकने वाले विधेयक को NDA ने बताया ऐतिहासिक, कहा- यह युवाओं के भविष्य के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण

देश में परीक्षाओं के पेपर लीक होने की समस्या से निपटने के लिए बनाए गए 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026' को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक…

पेपर लीक रोकने वाले विधेयक को NDA ने बताया ऐतिहासिक, कहा- यह युवाओं के भविष्य के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण
(फोटो: IANS)

देश में परीक्षाओं के पेपर लीक होने की समस्या से निपटने के लिए बनाए गए 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026' को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने इस विधेयक के पारित होने को एक महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य कदम बताया है। उनका कहना है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की युवाओं के भविष्य के प्रति चिंता को दर्शाता है।

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कानून में कड़े दंड का प्रावधान

इस नए कानून के तहत पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं, जिनमें 50 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 5 से 10 साल तक की कैद शामिल है। उन्होंने यह भी कहा, "प्रधानमंत्री ने न सिर्फ सख्त कानून बनाए हैं बल्कि यह भी पक्का कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।" इसके अलावा, ऐसे मामलों का निपटारा दो महीने के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।

विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस विधेयक को मोदी सरकार के संकल्प का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने इस बिल के जरिए पेपर लीक के कारण छात्रों को होने वाली मुश्किलों को हमेशा के लिए दूर करने के लिए एक कानून बनाने की सफल कोशिश की है।" वहीं, बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने इसे "बहुत अच्छा फैसला" करार दिया और कहा कि बिल लागू होने के बाद दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए ही छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जबकि विपक्ष राजनीति कर रहा है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि विपक्ष के असहयोग के बावजूद एनडीए इस विधेयक को पारित कराने के लिए समर्पित रहा। अब यह विधेयक मंजूरी के लिए भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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