विक्रम-1 की सफलता पर PM मोदी ने स्काईरूट को दी बधाई, कहा- यह 'आत्मनिर्भर भारत' का प्रमाण है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस को उसके पहले ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' के सफल लॉन्च पर बधाई दी है। शनिवार को कंपनी की टीम के साथ एक वीडियो कॉल के दौरान…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस को उसके पहले ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' के सफल लॉन्च पर बधाई दी है। शनिवार को कंपनी की टीम के साथ एक वीडियो कॉल के दौरान प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण और 'आत्मनिर्भर भारत' की क्षमता का प्रमाण बताया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस बातचीत का वीडियो अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया।
बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि इस सफलता ने न सिर्फ अंतरिक्ष में नए अवसरों के द्वार खोले हैं, बल्कि यह देश के युवाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने इस मिशन को एक तरह से 'वंदे मातरम मिशन' का नाम दिया, जो भारत माता की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
युवा टीम की सराहना
प्रधानमंत्री ने स्काईरूट की युवा टीम की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "मुझे यह देखकर खुशी हुई कि टीम के अधिकांश सदस्य 25 से 30 वर्ष की उम्र के हैं।" पीएम मोदी ने मिशन की सफलता से पहले टीम के चेहरों पर दिख रही चिंता और सफलता के बाद उसी माहौल के खुशी और उत्साह में बदलने का भी जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक अंतरिक्ष अभियान नहीं, बल्कि भारत की क्षमता और नई पीढ़ी की ऊर्जा का प्रतीक है।
'आत्मनिर्भर भारत' का मजाक उड़ाने वालों को जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय था जब कुछ लोग 'आत्मनिर्भर भारत' की बात का मजाक उड़ाते थे, लेकिन स्काईरूट जैसी भारतीय कंपनियों ने आज अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि भारत अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए सरकार और देश की ओर से पूरे समर्थन का आश्वासन दिया।
स्काईरूट ने जताया आभार
इस बातचीत के दौरान स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक पवन चंदना ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 'वंदे मातरम' लिखा गया एक कार्ड सफलतापूर्वक अंतरिक्ष तक पहुंचा दिया गया है और इसी भावना से मिशन की ऑर्बिट को भी जोड़ा गया है। चंदना ने कहा कि स्काईरूट पहली भारतीय निजी कंपनी है, जिसने अपने पहले ही प्रयास में रॉकेट को ऑर्बिट तक पहुंचाने की यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जो पूरी तरह से भारतीय डिजाइन और प्रतिभा की सफलता है।
इनपुट: IANS



