सपा के खिलाफ़ बयानबाज़ी पर पिस्टल दिखाकर धमकी? सुभासपा नेता ने अखिलेश यादव से मांगा जवाब
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यालय में घुसकर एक व्यक्ति ने पिस्टल दिखाकर धमकी दी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, राजभर ने इस…
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यालय में घुसकर एक व्यक्ति ने पिस्टल दिखाकर धमकी दी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, राजभर ने इस घटना को समाजवादी पार्टी (सपा) से जोड़ते हुए पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से हिंसा पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
राजभर ने दावा किया कि एक अज्ञात व्यक्ति उनके दफ्तर में आया और कार्यालय प्रभारी को धमकाते हुए कहा कि ओमप्रकाश राजभर और अरविंद राजभर को समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ भी न बोलने के लिए कह दिया जाए। उन्होंने बताया कि यह घटना उनके केबिन में उस वक्त हुई जब वे बस्ती के एक कार्यक्रम के लिए निकल रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
अरविंद राजभर के अनुसार, आरोपी ने पहले कार्यालय प्रभारी के साथ बहस की और फिर कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर उनकी ओर तान दी। आरोपी ने कहा कि वह अरविंद राजभर को खोजने आया था और चेतावनी दी कि यदि सपा के खिलाफ बयानबाजी जारी रही तो परिणाम अच्छा नहीं होगा।
इस पर कार्यालय प्रभारी ने कंप्यूटर का कीबोर्ड उठाकर हमला किया, जिससे पिस्तौल नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपी हथियार उठाकर मौके से भाग गया। राजभर ने बताया कि इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है और वह मामले के जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।
'सोची-समझी साजिश की आशंका'
सुभासपा नेता ने इसे एक 'सोची-समझी साजिश' होने की आशंका जताई है। उन्होंने इस घटना को शिवपाल यादव के उस पुराने बयान से भी जोड़ा, जिसमें उन्होंने ओमप्रकाश राजभर के लिए 'विशेष इलाज' की बात कही थी। राजभर ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर भी पहले धमकियां मिलती रही हैं, जिसमें अखिलेश यादव के खिलाफ न बोलने की चेतावनी दी गई थी।
उन्होंने कहा, “राजनीतिक मतभेदों का जवाब तर्क और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए, न कि बंदूक या धमकी के जरिए।” उन्होंने कहा कि वह गरीबों, युवाओं और वंचितों के हक की आवाज उठाते रहेंगे और किसी धमकी से डरकर अपनी राजनीतिक आवाज बंद नहीं करेंगे।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले राजभर
इस दौरान अरविंद राजभर ने सपा के पीडीए नारे पर भी सवाल उठाए और शिवपाल यादव के आजम खान को गृहमंत्री बनाने वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव खुली आंखों से ऐसे सपने देख रहे हैं, जो पूरा होना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान अपराधियों का मनोबल बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव का उन्होंने स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए सिर्फ आर्थिक मदद काफी नहीं है, बल्कि बेटियों की प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई मुफ्त करने के लिए ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए।
इनपुट: IANS



