NEET प्रदर्शन में नाबालिग को चोट: इंदौर में CJP संस्थापक पर FIR की मांग, पॉक्सो एक्ट का हवाला
दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में 12 वर्षीय लड़की को कथित तौर पर गंभीर चोट लगने का मामला अब इंदौर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इंदौर…
दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में 12 वर्षीय लड़की को कथित तौर पर गंभीर चोट लगने का मामला अब इंदौर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इंदौर पुलिस को एक लिखित शिकायत मिली है जिसमें छात्र संगठन CJP (कलेक्टिव फॉर जस्टिस एंड पीस) के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता फैजान अंसारी ने इंदौर पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में CJP द्वारा आयोजित प्रदर्शन में नाबालिग भी शामिल थे। अंसारी के मुताबिक, पुलिस लाठीचार्ज के दौरान एक 12 साल की बच्ची के गुप्तांग में चोट आई।
पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
अपनी शिकायत में फैजान अंसारी ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया है। उन्होंने IANS से कहा, "विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग, जिनमें लड़कियां भी शामिल थीं, मौजूद थे... इस संबंध में, मैं पॉक्सो एक्ट का जिक्र करना चाहूंगा। यह एक भारतीय कानून है, जिसके तहत, कहीं कोई अपराध होता है, तो उसकी शिकायत कहीं भी दर्ज कराई जा सकती है।"
इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश डंडोत्या ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने गुरुवार को बताया, "फैजान अंसारी नाम के एक व्यक्ति इस मामले में आए थे। उन्होंने एक शिकायत दर्ज कराई और विरोध प्रदर्शन के बारे में बयान दिया। उनके बयान के आधार पर एक अर्जी दी गई।" पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और सौंपे गए सबूतों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इनपुट: IANS



