दाखिला नहीं मिलने पर पीएचडी छात्र ने मांगी इच्छा मृत्यु
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा पत्र बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में एक दलित छात्र ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यू की मांग की है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा पत्र
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में एक दलित छात्र ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यू की मांग की है। छात्र ने बताया कि उसे पीएचडी कोर्स में दाखिला न मिल पाने से ऐसा कदम उठाया है। बीबीएयू के इतिहास के पीएचडी कोर्स की प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अरूण कुमार वर्मा हरदोई के रहने वाले हैं। उनके अनुसार जुलाई में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम आया। इसमें वह पांचवें स्थान पर आए हैं। इसके बाद वह काउंसलिंग की तिथि की प्रतीक्षा करने लगाए पर पांच माह बीत गए अभी तक इतिहास के पीएचडी कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया नहीं शुरू हुई।
पीडि़त छात्र ने आरोप लगाया है कि इतिहास में जहां दाखिले के लिए कांउसलिंग नहीं प्रारम्भ हुई, वहीं अन्य सभी विभागों में पीएचडी में दाखिला पाए छात्रों की कोर्स वर्क की परीक्षा शुरू हो गई है। उसका कहना है कि विभाग में शिक्षकों की आपसी लड़ाई की वजह से छात्र सफर कर रहे हैं। छात्र ने बताया कि कार्यवाहक कुलपति से लेकर सभी जिम्मेदार अधिकारियों से वह गुहार लगा चुका है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। छात्र ने बताया कि अंत में उसने थक हारकर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यू की मांग की है।
वर्जन
छात्र की मांग पर विवि की ओर से बीते सोमवार को बैठक बुलायी गयी थी। लेकिन इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष ही बैठक में शामिल होने के लिए नहीं आयी थी। ऐसे में कोई निर्णय नहीं हो सका। अब अगली बैठक में जो निर्णय लिया जायेगा। आरबी राम रजिस्ट्रार बीबीएयू
पीडि़त छात्र ने आरोप लगाया है कि इतिहास में जहां दाखिले के लिए कांउसलिंग नहीं प्रारम्भ हुई, वहीं अन्य सभी विभागों में पीएचडी में दाखिला पाए छात्रों की कोर्स वर्क की परीक्षा शुरू हो गई है। उसका कहना है कि विभाग में शिक्षकों की आपसी लड़ाई की वजह से छात्र सफर कर रहे हैं। छात्र ने बताया कि कार्यवाहक कुलपति से लेकर सभी जिम्मेदार अधिकारियों से वह गुहार लगा चुका है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। छात्र ने बताया कि अंत में उसने थक हारकर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यू की मांग की है।
वर्जन
छात्र की मांग पर विवि की ओर से बीते सोमवार को बैठक बुलायी गयी थी। लेकिन इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष ही बैठक में शामिल होने के लिए नहीं आयी थी। ऐसे में कोई निर्णय नहीं हो सका। अब अगली बैठक में जो निर्णय लिया जायेगा। आरबी राम रजिस्ट्रार बीबीएयू



