प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसने के लिए लोगों ने असदुद्दीन ओवैसी पर जूता फेंका
तीन तलाक़ का जहाँ नाम आता है वहां मुसलमान समाज को याद करना वाजिब है. दो शब्दों से बना ये शब्द मुसलमानों के लिए सिर्फ शब्द नहीं तलाक़ का वो जरिया है, जिससे सिर्फ…
तीन तलाक़ का जहाँ नाम आता है वहां मुसलमान समाज को याद करना वाजिब है. दो शब्दों से बना ये शब्द मुसलमानों के लिए सिर्फ शब्द नहीं तलाक़ का वो जरिया है, जिससे सिर्फ पुरुष अपनी पत्नी को तीन बार तलाक़ बोलने पर अपनी शादी तोड़ सकता था. इस नियम से होने वाले तलाक स्थिर होते थे. पुरुष और स्त्री केवल ‘हलाला’ करने पर ही दुबारा शादी कर सकते थे. इस मुद्दे पर बहुत दिन से कार्यवाही चल रही थी तमाम कार्यवाहियों और गवाहों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया. कई सालों से चल रही इस प्रथा पर सुप्रीमकोर्ट ने मोहर लगाई. अब ट्रिपल तलाक पूरा तरह से गैर कानूनी हो गया. बल्कि अगर अब कोई पुरुष अपनी पत्नी को तीन बार तलाक़ बोलकर तलाक़ देता है तो उसी को खुद १० साल की जेल हो सकती है. नियम के इस बदलाव से मुस्लिम महिलाओं ने राहत की सांस ली. वहीँ मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का तीन तलाक के मुद्दे को दोबारा उठाना चर्चा में है. दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में एक रैली में उन्होंने तीन तलाक के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा.
मजलिस इतेहादुल मुसलमीन और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों के चलते अकसर विवादों में आ जाते हैं. कई बार उनके अटपटे बयानों को लेकर विवाद पैदा हो जाता है.
ताज़ा मामले में असदुद्दीन ओवैसी तीन तलाक़ पर मोदी सरकार के द्वारा उठाये गए कदमों से नाराज़ हैं. ओवैसी ने कहा है कि इस मसले पर महिलाओं को न्याय दिलाने की बात कहना तो महज एक बहाना है. ओवैसी ने कहा कि दरअसल इनका असली निशाना शरियत है. ओवैसी के मुताबिक सरकार को बजट में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन महिलाओं को तीन तलाक़ दिया गया है, उनको हर महीने 15 हजार रुपये गुजारे के लिए मिले. उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो. करीब पौने 10 बजे ओवैसी जब तीन तलाक के खिलाफ़ बोल रहे थे तब किसी ने उन पर जूता फेंक दिया. पुलिस ने बताया कि सांसद को जूता नहीं लगा और आरोपी की पहचान कर ली गई है उसे अभी गिरफ्तार किया जाना है.
मजलिस इतेहादुल मुसलमीन और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों के चलते अकसर विवादों में आ जाते हैं. कई बार उनके अटपटे बयानों को लेकर विवाद पैदा हो जाता है.
ताज़ा मामले में असदुद्दीन ओवैसी तीन तलाक़ पर मोदी सरकार के द्वारा उठाये गए कदमों से नाराज़ हैं. ओवैसी ने कहा है कि इस मसले पर महिलाओं को न्याय दिलाने की बात कहना तो महज एक बहाना है. ओवैसी ने कहा कि दरअसल इनका असली निशाना शरियत है. ओवैसी के मुताबिक सरकार को बजट में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन महिलाओं को तीन तलाक़ दिया गया है, उनको हर महीने 15 हजार रुपये गुजारे के लिए मिले. उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो. करीब पौने 10 बजे ओवैसी जब तीन तलाक के खिलाफ़ बोल रहे थे तब किसी ने उन पर जूता फेंक दिया. पुलिस ने बताया कि सांसद को जूता नहीं लगा और आरोपी की पहचान कर ली गई है उसे अभी गिरफ्तार किया जाना है.
विषयनरेंद्र मोदी



