पंजाब निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने 50 वार्डों में दोबारा चुनाव का दिया आदेश, 6 हफ्ते की समय सीमा तय
दिसंबर 2024 में हुए पंजाब निकाय चुनावों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई कथित अनियमितताओं पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पटियाला नगर निगम और मोगा जिले की दो नगर परिषदों के कुल…
दिसंबर 2024 में हुए पंजाब निकाय चुनावों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई कथित अनियमितताओं पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पटियाला नगर निगम और मोगा जिले की दो नगर परिषदों के कुल 50 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया रद्द करते हुए नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया अगले छह हफ्तों के भीतर पूरी करनी होगी।
यह मामला उन शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि उन्हें नामांकन दाखिल करने से रोका गया था। इन आरोपों की जांच के लिए शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में एक फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन का गठन किया था।
कहाँ-कहाँ होंगे दोबारा चुनाव?
सुप्रीम कोर्ट ने कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में चुनाव निरस्त कर दिए हैं। इसके अलावा, मोगा जिले में बाघापुराना नगर परिषद के सभी 15 वार्डों और धर्मकोट नगर परिषद के 7 वार्डों में भी फिर से मतदान होगा। जांच में इन क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने और उम्मीदवारों को नामांकन से रोके जाने की बात सामने आई थी।
पारदर्शिता के लिए न्यायिक निगरानी
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़े कदम उठाए हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि दोबारा होने वाले चुनावों की निगरानी एक न्यायिक समिति करेगी, जिसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। इस समिति की देखरेख में नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह फैसला मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है और इसे भविष्य के उपचुनावों के लिए एक सामान्य उदाहरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
इनपुट: IANS



