बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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SBI रिसर्च का अनुमान: दिसंबर तक रेपो रेट 6% हो सकती है, RBI को एकमुश्त बढ़ोतरी पर करना चाहिए विचार

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि दिसंबर में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 50 आधार अंकों यानी 0.50% तक की…

SBI रिसर्च का अनुमान: दिसंबर तक रेपो रेट 6% हो सकती है, RBI को एकमुश्त बढ़ोतरी पर करना चाहिए विचार
(फोटो: IANS)

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि दिसंबर में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 50 आधार अंकों यानी 0.50% तक की बढ़ोतरी कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम वैश्विक परिस्थितियों पर बहुत हद तक निर्भर करेगा, लेकिन मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए एक बार में बड़ी बढ़ोतरी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

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SBI के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, "दिसंबर तक रेपो रेट को 6 प्रतिशत करना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।" रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि चूंकि वैश्विक हालात जल्द ही अस्थिर हो सकते हैं, इसलिए RBI को छोटी-छोटी बढ़ोतरी के बजाय एक ही बार में दरें बढ़ाने के मौके का इस्तेमाल करना चाहिए।

नीतिगत रुख में सख्ती के संकेत

डॉ. घोष के अनुसार, अक्टूबर की नीतिगत बातचीत से यह संकेत मिलता है कि RBI का रुख अब सतर्कता से हटकर साफ तौर पर सख्ती की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गवर्नर के बयान और मौद्रिक नीति वक्तव्य के विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार दोनों में काफी समानता है, जो पिछली नीतिगत चक्रों में देखे गए अंतर से एक बड़ा बदलाव है।

RBI ने हाल ही में रेपो रेट को सर्वसम्मति से 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था। SBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले के बाद अब RBI के पास नीतिगत विकल्प या तो दरें बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने तक ही सीमित हैं, जो बदलते हालात पर निर्भर करेगा।

महंगाई और विकास दर का अनुमान

रिपोर्ट में RBI द्वारा वित्त वर्ष 2027 के लिए जारी अनुमानों का भी जिक्र है। RBI ने जीडीपी विकास दर का अनुमान 40 आधार अंक बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि खुदरा महंगाई का अनुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 5.20 प्रतिशत कर दिया है। डॉ. घोष ने कहा, "हमारा मानना ​​है कि वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।"

SBI के पुराने पॉलिसी साइकल के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि ब्याज दरें बढ़ाने का दायरा महंगाई के दबाव और उसकी अवधि पर निर्भर करता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि नवंबर 2026 में महंगाई लगभग 6.8 प्रतिशत के चरम पर पहुंच सकती है, और इस ट्रेंड के हिसाब से पीक रेपो रेट लगभग 6.0 प्रतिशत हो सकता है।

पूंजी प्रवाह और रुपये पर चिंता

इसके अलावा, रिपोर्ट में देश में पूंजी प्रवाह को आसान बनाने के लिए एक स्पष्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। साथ ही, रुपये को लेकर भी चिंता जताई गई है, जिसके लिए सुरक्षा उपाय करने की जरूरत बताई गई है क्योंकि यह एक चिंताजनक बेंचमार्क की ओर बढ़ रहा है।

इनपुट: IANS

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