NEET परीक्षा विवाद: विपक्ष ने संसद में सरकार को घेरा, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और लाठीचार्ज पर जवाब मांगा
संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट-यूजी परीक्षा में कथित धांधली और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा गरमाया हुआ है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार पर निशाना साधा…
संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट-यूजी परीक्षा में कथित धांधली और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा गरमाया हुआ है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार पर निशाना साधा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष इन मामलों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर छात्रों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यदि सरकार परीक्षाओं का निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन नहीं करा पा रही है तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंप देनी चाहिए।" खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को "लोकतंत्र पर हमला" करार दिया और इस पर सरकार से जवाब मांगा।
विपक्ष की मुख्य मांगें और आरोप
विभिन्न विपक्षी नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचाया है और देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। वहीं, सांसद मनीष तिवारी ने शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं के लिए जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कई महीनों से यह मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की केवल यही मांग है कि इन विषयों पर संसद में चर्चा कराई जाए, लेकिन सरकार इससे बच रही है।
राम मंदिर और लाठीचार्ज पर भी सवाल
विपक्षी दलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मनीष तिवारी ने भी इस विषय पर संसद में चर्चा की मांग की ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मुलाकात करेगा।
इनपुट: IANS



