पेपर लीक पर नकेल कसने की तैयारी: दोषियों को सख्त सजा देने वाले विधेयक को कैबिनेट से हरी झंडी, जल्द संसद में पेश होगा
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दी गई…
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक के दोषियों के लिए सजा को और कड़ा बनाना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
यह फैसला उस समय आया है जब नीट (NEET) समेत कई परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और यह मुद्दा संसद में भी लगातार उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर सरकार के गंभीर रुख का संकेत दिया था। कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले, गुरुवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था कि शुक्रवार की बैठक में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री का आश्वासन और प्रशासनिक कदम
अपने तीन मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था, "पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है। इससे देश के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को गहरा दुख पहुंचा है।" उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता जताई थी। इससे पहले गुरुवार सुबह भी उन्होंने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसी बीच, केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल भी किया है। गुरुवार को राजस्थान कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर विनीत जोशी की जगह ली है। वहीं, नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इनपुट: IANS



