रविवार, 27 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

पाकिस्तान: मियां चन्नू के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले 4 मरीज़ HIV संक्रमित मिले

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं उभर आई हैं। मियां चन्नू के तहसील हेडक्वार्टर (THQ) अस्पताल में डायलिसिस करा रहे चार मरीज़ एचआईवी पॉज़िटिव पाए गए हैं…

पाकिस्तान: मियां चन्नू के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले 4 मरीज़ HIV संक्रमित मिले
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं उभर आई हैं। मियां चन्नू के तहसील हेडक्वार्टर (THQ) अस्पताल में डायलिसिस करा रहे चार मरीज़ एचआईवी पॉज़िटिव पाए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद इन मरीज़ों को आगे के इलाज के लिए मुल्तान के निश्तर अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।

विज्ञापन

संक्रमित मरीज़ों में तीन महिलाएं शामिल हैं। इस घटना ने दक्षिण पंजाब के अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मियां चन्नू अस्पताल के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उनके सेंटर में 60 से अधिक लोग डायलिसिस कराते हैं और इस प्रक्रिया से एचआईवी नहीं फैल सकता। अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति की जांच कर रहे हैं। वहीं, सूत्रों ने आशंका जताई है कि डायलिसिस कराने वाले कुछ और मरीज़ भी संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन फ़िलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पंजाब में स्वास्थ्य केंद्रों से संक्रमण फैलने का इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब पंजाब के स्वास्थ्य केंद्रों में इस तरह की लापरवाही सामने आई है। इससे पहले भी कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं:

  • निश्तर अस्पताल (नवंबर 2024): मुल्तान के इसी निश्तर अस्पताल में किडनी के लगभग 30 मरीज़ डायलिसिस के दौरान एचआईवी संक्रमित हो गए थे और एक की मौत भी हो गई थी। बाद में सरकारी जांच में डायलिसिस के दिशा-निर्देशों और SOP के उल्लंघन की बात सामने आई थी।
  • टौंसा संकट (2024-2025): टौंसा के THQ अस्पताल द्वारा 331 बच्चों में संक्रमण फैलने का मामला सामने आया था। मार्च 2025 तक 106 बच्चे एचआईवी पॉज़िटिव पाए गए, जिसके बाद सरकार ने वहां स्क्रीनिंग और ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया था।

2026 में आगा खान यूनिवर्सिटी और पंजाब एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के एक अध्ययन में भी पाया गया था कि मुल्तान में डायलिसिस से जुड़े एचआईवी संक्रमण के मामले आपस में जुड़े थे और ये स्वास्थ्य केंद्र के भीतर ही फैले थे।

आधिकारिक आंकड़े और कार्रवाई

नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के अनुसार, दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान में एचआईवी के कुल 84,421 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 60,785 लोग 98 केंद्रों पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी ले रहे थे। पूर्व में हुई घटनाओं के बाद, पंजाब सरकार ने जनवरी 2025 में निश्तर अस्पताल के अधिकारियों और स्टाफ के खिलाफ लापरवाही के लिए कार्रवाई का आदेश दिया था। टौंसा मामले के बाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ जैसे सहयोगियों ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की थी और सैकड़ों अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया गया था।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →