रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल की आहट, मुख्यमंत्री की केंद्र को चेतावनी- 'लोग तुर्की का उदाहरण भूल जाएंगे'

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां संघीय सरकार द्वारा आपातकाल या गवर्नर शासन लागू करने की अटकलें तेज हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस…

खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल की आहट, मुख्यमंत्री की केंद्र को चेतावनी- 'लोग तुर्की का उदाहरण भूल जाएंगे'
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां संघीय सरकार द्वारा आपातकाल या गवर्नर शासन लागू करने की अटकलें तेज हो गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस स्थिति के जवाब में प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने केंद्र को खुली चुनौती दी है और गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है।

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मुख्यमंत्री अफरीदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक चेतावनी भरे लहजे में कहा, "आपातकाल या राज्यपाल शासन की घोषणा के बाद, लोग तुर्की का उदाहरण देना भूल जाएंगे।" माना जा रहा है कि उनका इशारा प्रथम विश्व युद्ध के बाद मुस्तफा कमाल पाशा के नेतृत्व में हुए तुर्की के उस राष्ट्रीय आंदोलन की ओर था, जिसके परिणामस्वरूप 1923 में आधुनिक तुर्की गणराज्य की स्थापना हुई थी।

पुलिस प्रशासन अलर्ट पर

प्रांत में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केपी के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जुल्फिकार हमीद ने शनिवार को ही जिला पुलिस को संभावित हिंसक विरोध और तोड़फोड़ की आशंका के बारे में सतर्क कर दिया था।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईजीपी कार्यालय से एक विस्तृत नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। डॉन की खबर के मुताबिक, इसमें प्रदर्शनों से निपटने के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि शरारती और सरकार-विरोधी तत्व इन प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़का सकते हैं। नोटिफिकेशन में जिला पुलिस अधिकारियों (DPOs) से लेकर स्टेशन हाउस अधिकारियों (SHOs) तक को व्यक्तिगत रूप से प्रदर्शनों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अधिसूचना में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। इसमें दंगा-रोधी दस्ते की तैनाती, गैस गन और शेल का पर्याप्त स्टॉक रखने, और उपद्रवियों की पहचान के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात करने जैसे उपाय शामिल हैं। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती केवल अत्यंत आवश्यक और उचित स्थानों पर ही की जाएगी।

इसके अलावा, केपी पुलिस एक्ट, 2017 की धारा 86(1) के तहत बंदूक या घातक हथियार ले जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हथियार जब्त करने और पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 148 के तहत कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि संघीय कैबिनेट ने संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने का फैसला कर लिया है। यह फैसला संघीय कैबिनेट की एक बैठक में लिया गया। बता दें कि प्रांत में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सरकार है।

इनपुट: IANS

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