रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: 'ऑपरेशन सिंदूर' ने दिखाई भारत की नई सैन्य शक्ति - राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की आधुनिक और शक्तिशाली सैन्य क्षमता का प्रतीक बताया है। नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन आतंकवादियों और…

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: 'ऑपरेशन सिंदूर' ने दिखाई भारत की नई सैन्य शक्ति - राजनाथ सिंह
(फोटो: IANS)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की आधुनिक और शक्तिशाली सैन्य क्षमता का प्रतीक बताया है। नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को दिया गया एक मुंहतोड़ जवाब था, जो आतंकवाद के प्रति सरकार की 'शून्य सहिष्णुता' की नीति को दर्शाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब आतंकवाद पर न सिर्फ अपने दरवाजे पर, बल्कि उसके ठिकानों में घुसकर प्रहार करने की क्षमता रखता है।

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राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे जटिल अभियान की सफलता में देश के बदले हुए रक्षा क्षेत्र की अहम भूमिका रही है। उन्होंने इसे तकनीकी युद्ध का एक बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा, "इस ऑपरेशन के दौरान आकाश तीर, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी उन्नत प्रणालियों के साथ-साथ कई अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया।" उन्होंने इसका श्रेय पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई मजबूत नींव को दिया।

रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि

रक्षा मंत्री ने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक रक्षा उत्पादन लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि 2014 के आसपास यह आंकड़ा महज़ 40,000 करोड़ रुपये था। इसी तरह, रक्षा निर्यात में भी अभूतपूर्व उछाल आया है। यह वित्तीय वर्ष 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 38,000 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है।

राजनाथ सिंह ने भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किए। उन्होंने कहा, "हमारा रक्षा उत्पादन लक्ष्य इस वर्ष 2 लाख करोड़ रुपये और 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करना है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि रक्षा निर्यात 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाए।"

'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने पिछले 12 वर्षों में रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भरता की पुरानी सोच को बदला है। अब जोर उन्नत हथियारों और प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी उत्पादन पर है ताकि आयात को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए रक्षा बलों द्वारा अब तक 509 वस्तुओं की पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी की जा चुकी हैं। इसके अलावा, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भी 5,012 वस्तुओं की पांच सूचियां जारी की हैं, और जल्द ही एक और सूची अधिसूचित की जाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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