असम में बाढ़: सेना के 'जल राहत' अभियान में 990 लोगों को बचाया गया, राहत कार्य जारी
असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत' के तहत अपने बचाव और राहत कार्यों को तेज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जुलाई शाम 4 बजे तक सेना ने राज्य…
असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत' के तहत अपने बचाव और राहत कार्यों को तेज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जुलाई शाम 4 बजे तक सेना ने राज्य के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों से कुल 990 पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।
सेना की टुकड़ियाँ राज्य प्रशासन और अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। इस अभियान के तहत न केवल लोगों को निकाला जा रहा है, बल्कि उन्हें चिकित्सा सहायता और आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराई जा रही है। अब तक 460 खाद्य पैकेट और 5,000 से अधिक पानी की बोतलें वितरित की जा चुकी हैं।
विभिन्न जिलों में राहत कार्य
शिवसागर: गड़गांव कॉलेज से संचालित सेना की टीमों ने बैलुंग गांव और ओएनजीसी कॉलोनी जैसे बाढ़ग्रस्त इलाकों में बचाव अभियान चलाया। इसके अलावा, नजीरा तहसील के केंदुगुड़ी और बैलुंग गांवों में मेडिकल कैंप भी लगाए गए, जहाँ 84 लोगों का इलाज किया गया, जिनमें 32 पुरुष, 34 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल थे। अमगुड़ी से एक अन्य दल ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री पहुँचाई।
चराइदेव: इस जिले में सेना की तीन राहत टुकड़ियाँ सोनारी, पटसाकू और डी.के. गांव में सक्रिय हैं। दिसांग नदी में उफान के कारण पटसाकू में नई बाढ़ आने के बावजूद बचाव कार्य निर्बाध रूप से जारी रहा।
जोरहाट: यहाँ सेना की एक टीम ने मरियानी में अपना नियंत्रण केंद्र बनाया है। यह टीम टियोक राजस्व सर्किल के भागमुख, नरंग पचनी और बंगाली गांवों जैसे क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए हुए है।
चिकित्सा सहायता और भविष्य की तैयारी
सेना की मेडिकल टीमों ने फील्ड कैंप के माध्यम से 400 से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की हैं। भारतीय सेना ने कहा है कि वह असम के लोगों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तैनात करने के लिए भी तैयार है।
इनपुट: IANS



