“NTPC” उलझता युवाओं का भविष्य

सरकार मन की बात करती है .आज देश के युवा के मन की बात करते हैं. देखते हैं सरकार कितना सुन पाती है ?
आज बात करते हैं देश के युवाओं के भविष्य की. वो भविष्य जिसको कभी बनने ही नहीं दिया गया. वो सपने जो हर राजनीतिक पार्टी दिखाती है. हर बार सत्ता में आने का नारा होता है. हम युवाओं को रोजगार देगें. सत्ता में आने के बाद रोजगार पर एक ट्विट का इंतजार, इंतजार ही रहता है. वैसे नेता के ट्विट करने से भी होना तो कुछ नहीं है. लेकिन फिर भी एक उम्मीद . काश ! कोई नेता 2 शब्द तो बोले ताकि कम से कम मन को शुकुन मिले.
आज एक कहानी सुनाते हैं. लेकिन अगर इसका किसी जीवित या मृत प्राणी से संबंध है, तो ये हमारा दुर्भाग्य है.
2019 चुनाव की तैयारी चल रही थी. नेताओं द्वारा युवाओ को कोई सपना बेचना था. तो रेलवे में बड़े स्तर पर भर्ती निकाली गई. जिसमें आवेदन को sumit करने की अंतिम तिथी 12 अप्रैल थी. कमाल की बात ये थी कि संभावित परीक्षा की संभावना जून और सितंबर बताई गई. बच्चो ने तैयारी शुरू कर दी. हमारे रेल मंत्री जी ने तो ट्विटों की बाढ़ ही ला दी. रेलवे इतने लाख नौकरी देगी. मीडिया ने भी बहुत प्रचार किया. रेलवे में भर्ती की सुनामी जैसे शब्द भी आए. लेकिन इन सब बातों में चुनाव हो गए. फिर मंत्री जी कहीं सो गए. समय बीतता रहा.यहाँ तक की सितंबर पूरा बीत गया. फिर शायद किसी ने बताया हो कि जो अंतिम माह था परीक्षा पूरी होने का वो कब का बीत गया. तो विभाग की कुछ आंख खुली और 14 Oct , 2019 एक नया नोटिस आया.बहुत उम्मीद थी , कि इसमें शायद कुछ हो परीक्षा के बारे में. उसमें परीक्षा के बारे में था भी. लेकिन परीक्षा की तिथी नहीं. उसमें लिखा था की परीक्षा स्थानांतरित कर दी गई. जो भी परीक्षा का अगला कार्यक्रम होगा हम आपको सुचित कर देगें. कम से कम एक और नोटिस आ जाता कि परीक्षा जल्दी होगी. होता उससे भी कुछ नहीं एक तस्सली तो होती. लेकिन युवा इंतजार मे.
नवंबर चला गया, फिर दिसंबर , फिर जनवरी और फरवरी भी जा ही चुकी समझो. मत्री जी , विभाग सब सो रहे हैं. लेकिन युवा इंतजार में.


किसी की नींद नहीं टूटी, पता है क्या टूटी. युवाओं की उम्मीद.
हां भूल गया था, 500 रूपये फीस. अगर आपने परीक्षा दी दो 400 रूपये वापस. लेकिन परीक्षा होगी तभी तो देश का युवा परीक्षा देगा . फिर भी युवा इंतजार में.
अगर आज भी परीक्षा की तिथी आती है तो 3 माह में CBT 1 होगा. 3 से 4 माह में परिणाम आएगा. फिर पेपर 2 देना होगा. 4 से 5 माह उसमें भी लग जाएगें. उसके अलावा मेडिकल और कागज भी चेक होगे. फिर joining में भी समय लगेगा. 1 से 2 साल का समय. अगर आप सोच रहे हैं कि कोई नहीं ज्यादा से ज्यादा 2 साल में तो हो ही जाएगा. तो रूकिए क्योकि आज भी परीक्षा की तिथी नहीं आई है. फिर भी युवा इंतजार में.
काश ! ये सिर्फ कहानी होती. लेकिन ये हकीकत है. देश के राजनेता ऐसे मुद्दो में उलझे हैं कि उसको युवा की पीडा का कोई ऐहसास ही नही.
ऐसा नहीं है कि देश में परीक्षाओं को कराने की काबलियत नहीं है. काबलियत ना होती तो आप सोचिए-
देश में UPSC की परीक्षाएं बिल्कुल समय पर ..रिजल्ट भी समय पर. जानते हैं क्यों ?
वो इतना अध्ययन कर चुके हैं कि उनको अपने अधिकार और सरकार की Limits पता है. वो सत्ता की आखों में आंख डालकर अपने अधिरकार मांग सकते हैं. इसलिए उनका सिस्टम सही तरीके से काम करता है. लेकिन जो एक सरकारी नौकरी की तलास में है ताकि अपना पेट भर सके , अपना घर चला सके.उनकी कब परीक्षा होगी. कब रिजल्ट आएगा.कोई कुछ नहीं बोल सकता. लेकिन फिर भी युवा इंतजार में.

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सरकार को क्या पता ?
जब कोई विज्ञापन आता है. और कोई युवा तैयारी के लिए शहर जाता है. तो उसका खर्च क्या होता है. उसके परिवार की उम्मीद क्या होती है. एक नौकरी के लिए 2 से 3 साल का इंतजार क्या होता. जिसकी युवा की इस समय में उम्मीद टूट गई उसकी भरपाई कौन करेगा. फिर भी युवा इंतजार में.
चुप रहने से कोई नहीं सुनता. एक कहवावत भी है कि जब तक बच्चा रोता नहीं मां भी दूध नहीं पिलाती. तो अभी सभी मंत्री जी को ट्विट कर बताइए की चुवाव के अलावा भी रोजगार का नाम लिया जा सकता है. ये बात सही है कि सरकारी विभाग में नौकरियां सीमित है. लेकिन जो हैं वो तो समय से हों. रेलवे नहीं सभी परीक्षाओं का यही हाल है. लेकिन फिर भी युवा इंतजार में.
आप सबसे अनुरोध है मंत्री जी और रेलवे को ट्विट कीजिए शायद याद आए किसी विज्ञापन के द्वारा देश के नौजवानों के सपनों की भावनाओं का मजाक बनाया था.