NEET विवाद: NSUI ने की NTA पर प्रतिबंध और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, लाठीचार्ज की निंदा
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के बाद, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर छात्रों की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का आरोप…
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के बाद, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर छात्रों की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगा।
जाखड़ ने दिल्ली में सोमवार को हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्रों पर "बर्बरतापूर्ण" लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी लाठियां चलाईं, जिसमें छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आईं।
छात्रों की मांगें और सरकार का रवैया
विनोद जाखड़ के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक के खिलाफ एक सख्त कानून और एनटीए जैसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक की घटना के बाद 25 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या कर ली है। जाखड़ ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को अनुमति न देकर सरकार छात्रों की समस्याओं से ध्यान भटकाना चाहती है।
पुलिस कार्रवाई और पत्थरबाजी पर आरोप
प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी पर सवाल पूछे जाने पर जाखड़ ने दिल्ली पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने पहले से तैयारी कर रखी थी और पत्थरबाजी की स्थिति खुद पैदा की, क्योंकि छात्रों की पहले ही जांच की जा रही थी और मेट्रो व रेलवे स्टेशन बंद थे। उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज के बाद कई छात्रों को एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यालयों में शरण लेनी पड़ी। देर रात आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई छात्रों के सिर फट गए थे और कुछ के हाथ-पैर टूट गए थे।
आंदोलन जारी रखने का संकल्प
जाखड़ ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, एनएसयूआई का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश भर में लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें पुतले फूंकने से लेकर कैंडल मार्च तक शामिल हैं। उनकी प्रमुख मांगों में एनटीए पर प्रतिबंध, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कानून और प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई शामिल है।
इनपुट: IANS



