अमेरिका में भारत की शान: स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सामने से गुजरा INS सुदर्शिनी, न्यूयॉर्क में मिशन पूरा
भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के न्यूयॉर्क में अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद 8 जुलाई को बोस्टन के लिए रवाना हो गया। इस प्रवास का सबसे यादगार क्षण वह था जब पोत ने प्रतिष्ठि
भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के न्यूयॉर्क में अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद 8 जुलाई को बोस्टन के लिए रवाना हो गया। इस प्रवास का सबसे यादगार क्षण वह था जब पोत ने प्रतिष्ठित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सामने हडसन नदी में परेड ऑफ सेल में हिस्सा लिया। तिरंगे से सजे सुदर्शिनी ने अंतरराष्ट्रीय युद्धपोतों और नौकायन जहाजों के बेड़े के साथ आगे बढ़ते हुए भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा का प्रदर्शन किया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पोत भारतीय नौसेना के 10 महीने लंबे अंतर-महासागरीय अभियान 'लोकायन 2026' पर है। अपनी न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान, सुदर्शिनी ने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित 'इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250' और 'सेल फोर्थ 250' समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
सांस्कृतिक दूत की भूमिका
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी ने एक सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका भी निभाई। इस स्वदेशी रूप से निर्मित तीन मस्तूल वाले बार्क पोत को देखने के लिए 1,000 से अधिक लोग आए, जिनमें भारतीय मूल के नागरिक, स्थानीय अमेरिकी, समुद्री इतिहासकार और नौकायन प्रेमी शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण परंपराओं और भारत की प्राचीन समुद्री विरासत के बारे में जानकारी दी गई।
राजनयिक संवाद और सराहना
इस जहाज ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत बिनय श्रीकांत प्रधान और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने जहाज का दौरा किया। उन्होंने चालक दल से बातचीत की और वैश्विक मंच पर भारत की समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने के लिए पोत की भूमिका की सराहना की। जहाज पर एक विशेष राजकीय रात्रिभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना था।
अगला पड़ाव बोस्टन
न्यूयॉर्क में सभी निर्धारित कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, आईएनएस सुदर्शिनी अब अपने अगले गंतव्य बोस्टन पहुंच गया है, जहां वह 'सेल बोस्टन 2026' समारोहों में भाग लेगा। भारतीय नौसेना के अनुसार, 'लोकायन 2026' अभियान केवल एक समुद्री यात्रा नहीं, बल्कि दुनिया भर में मित्रता, सद्भावना और समुद्री सहयोग का संदेश देने का एक महत्वपूर्ण मिशन है।
इनपुट: IANS



