शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन में पहुंचे अरविंद केजरीवाल, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के अनशन को अपना समर्थन दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केजरीव

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन में पहुंचे अरविंद केजरीवाल, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
(फोटो: IANS)

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के अनशन को अपना समर्थन दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केजरीवाल ने वहां 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मंच से देश की परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

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केजरीवाल ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में छात्र सिर्फ परीक्षा देने नहीं, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने की उम्मीद लेकर जाता है। उन्होंने कहा, "छात्र यह विश्वास लेकर परीक्षा देता है कि उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर उसका भविष्य तय होगा, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक इस भरोसे को कमजोर कर रहे हैं।" उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि जब वे IIT में पढ़ते थे या उनके बच्चों ने प्रतियोगी परीक्षाएं दी थीं, तब पेपर लीक के ऐसे मामले सामने नहीं आते थे, लेकिन आज की स्थिति चिंताजनक है।

सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि हर बार जांच, FIR और गिरफ्तारियों की बातें होती हैं, लेकिन आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और अगले साल फिर ऐसी ही घटनाएं होती हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि नीट विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, पर सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए।

अन्ना आंदोलन की दिलाई याद

अरविंद केजरीवाल ने सरकार को चेतावनी देते हुए 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "उस समय की सरकार ने भी जनभावनाओं को नजरअंदाज किया था और बाद में सत्ता से बाहर हो गई।" उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा सरकार युवाओं की मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो उसे भी राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

अपने संबोधन के अंत में, केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव के लिए सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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