बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल में बाढ़: कैलाश मानसरोवर गए गुजरात के 12 तीर्थयात्री लापता, सूरत के 3 लोगों से संपर्क टूटा

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए गुजरात के 12 तीर्थयात्रियों से पिछले 24 घंटों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनके परिजन चिंतित हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

नेपाल में बाढ़: कैलाश मानसरोवर गए गुजरात के 12 तीर्थयात्री लापता, सूरत के 3 लोगों से संपर्क टूटा
(फोटो: IANS)

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए गुजरात के 12 तीर्थयात्रियों से पिछले 24 घंटों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनके परिजन चिंतित हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में तीन तीर्थयात्री सूरत के रहने वाले हैं। स्थानीय प्रशासन उनकी सुरक्षित वापसी के लिए नेपाल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है।

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आपदा प्रबंधन के डिप्टी ममलतदार साजिद मेरुजय ने बताया, "हमें गुजरात सरकार के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से जानकारी मिली कि गुजरात के कुल 12 तीर्थयात्री लापता हैं, जिनमें से तीन सूरत के हैं।" प्रशासन सभी लापता लोगों का पता लगाने के प्रयासों में समन्वय कर रहा है।

शूटिंग के लिए गए बंगाली कलाकार भी फंसे

बाढ़ की इस त्रासदी में बंगाली फिल्मों के जाने-माने अभिनेता खराज मुखर्जी और रजत दत्ता भी नेपाल के रसुवा जिले में फंस गए हैं। खराज मुखर्जी के साथ उनकी पत्नी प्रतिभा मुखर्जी भी हैं। वे एक फिल्म की शूटिंग के लिए 20 तारीख को नेपाल गए थे।

अभिनेता के बड़े भाई श्रीराज मुखर्जी ने बताया कि शुरू में संपर्क टूटने के बाद उनसे बात हो पाई थी और वे सुरक्षित थे, लेकिन बाद में घटना के बाद उनसे फिर संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा, "जब हम उनसे 20 या 21 तारीख को संपर्क कर पाए थे, तब तक कुछ नहीं हुआ था और सब ठीक थे।"

वहीं, एक रिश्तेदार सास्वती मुखर्जी ने कहा, "खराज मुखर्जी को 23 या 24 तारीख को लौटना था, लेकिन भारी बारिश के कारण शूटिंग में देरी हो गई। जब हमने कल इस घटना के बारे में सुना, तो हम बहुत परेशान हो गए। शुक्र है, वह ठीक और सुरक्षित हैं, लेकिन जब तक वह घर वापस नहीं आ जाते, हम बहुत परेशान रहेंगे।"

स्थानीय लोगों पर भी आपदा का असर

बाढ़ ने स्थानीय लोगों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सूरत के एक निजी नर्सिंग होम में काम करने वाले नेपाल निवासी डॉ. दिबेश मरासिनी ने बताया कि बुधवार से अपने परिवार से संपर्क टूटने के बाद आखिरकार गुरुवार सुबह उनकी बात हो पाई। उन्होंने पुष्टि की कि उनका परिवार सुरक्षित है, हालांकि बाढ़ से बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, "मेरे गांव की स्थिति ठीक है, लेकिन बहुत बड़े क्षेत्र पर प्रभाव पड़ा है।"

इनपुट: IANS

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