बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड: बेहतर सेवा शर्तों और सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टरों का आंदोलन, कार्य बहिष्कार की चेतावनी

झारखंड में डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा और सेवा शर्तों से जुड़ी कई मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के नेतृत्व में बुधवार को राज्य भर के चिकित्सकों ने काम के दौरान…

झारखंड: बेहतर सेवा शर्तों और सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टरों का आंदोलन, कार्य बहिष्कार की चेतावनी
(फोटो: IANS)

झारखंड में डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा और सेवा शर्तों से जुड़ी कई मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के नेतृत्व में बुधवार को राज्य भर के चिकित्सकों ने काम के दौरान काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) और सदर अस्पताल में भी सरकारी और निजी क्षेत्र के सैकड़ों डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया।

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चिकित्सा संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन मरीजों या स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना है। आंदोलन के दौरान आपातकालीन और जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से बहाल रखी गईं। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक कार्यालय को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा।

क्या हैं डॉक्टरों की प्रमुख मांगें?

आंदोलनकारी चिकित्सकों ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को सख्ती से लागू करना है। इसके अलावा, क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में व्यावहारिक संशोधन करने और केंद्र व बिहार की तर्ज पर मेडिकल, डेंटिस्ट तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए डायनामिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) लागू करने की भी मांग शामिल है। अन्य मांगों में आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के बकाये का भुगतान, लाइसेंस व पंजीकरण के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम, जूनियर डॉक्टरों की सेवा शर्तों में सुधार और महिला डॉक्टरों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।

सरकार ने नहीं मानी बात तो होगा कार्य बहिष्कार

आईएमए ने स्पष्ट किया है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चेतावनी के अनुसार, 21 अक्टूबर को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो 22 अक्टूबर 2026 से राज्य के सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। बुधवार को रांची में हुए प्रदर्शन में आईएमए झारखंड के सचिव डॉ. प्रदीप सिंह और जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विकास समेत कई प्रमुख चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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