NEET पेपर लीक: सरकार संसद में चर्चा को तैयार, जेपी नड्डा ने विपक्ष से की शर्तें न बदलने की अपील
नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की पेशकश की है। राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष से आग्रह किया…
नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की पेशकश की है। राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष से आग्रह किया है कि वह बार-बार अपनी मांगें और शर्तें न बदले और संसद में सकारात्मक बहस के माध्यम से समाधान खोजने में सहयोग करे।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "सरकार चाहती है कि संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा हो। चर्चा कितने समय तक होनी चाहिए, यह विपक्ष और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी तय कर सकती है। विपक्ष चाहे तो 12 घंटे या 18 घंटे तक चर्चा कर सकता है और सरकार इसके लिए तैयार है।"
"छात्रों के भविष्य की साझा जिम्मेदारी"
नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि संसद ही ऐसे गंभीर विषयों पर सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने कहा, "छात्रों का भविष्य देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है और इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि मिलकर समाधान निकाला जाए।" केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा, "बच्चे हमारे भी हैं, आपके भी हैं और देश का भविष्य भी हैं। देश के भविष्य की चिंता करना हमारी जिम्मेदारी है।"
विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "छात्रों की मांगों को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। पेपर लीक एक गंभीर समस्या है और इसका समाधान मिलकर निकालना चाहिए।" राहुल गांधी द्वारा संसद में दिए गए प्रस्तुतीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा कि यह जांच का विषय है और पेपर लीक की घटनाएं किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में हुए पेपर लीक के मामलों का जिक्र किया। नड्डा ने कहा, "यदि विपक्ष छात्रों के हितों को लेकर चिंतित है तो उसे सभी राज्यों और सभी सरकारों के दौरान हुई घटनाओं पर चर्चा करनी चाहिए। यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं और आरोप-प्रत्यारोप से हटकर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग पर नड्डा ने कहा कि ऐसे मुद्दे इस तरह नहीं उठाए जाते और बहस के जरिए ही समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सीजेपी के साथ विरोध प्रदर्शन को लेकर बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है और लिखित प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जानने और उनके द्वारा एक पत्र लिखे जाने की भी जानकारी दी।
इनपुट: IANS



