NEET परीक्षा सुधार: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा विस्तृत रोडमैप, 3 अगस्त को अगली सुनवाई
NEET पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधारों का एक व्यापक रोडमैप मांगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान, केंद्र ने अदालत को आश्वासन दिया कि…
NEET पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधारों का एक व्यापक रोडमैप मांगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान, केंद्र ने अदालत को आश्वासन दिया कि परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सर्वोच्च स्तर पर निगरानी के साथ सुधार किए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार इस संबंध में एक विस्तृत हलफनामा दायर करेगी, जिसमें भविष्य की योजनाओं का पूरा खाका पेश किया जाएगा।
सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि छात्रों का हित सर्वोपरि है। उन्होंने अदालत को बताया, "कुछ दिनों बाद मैं पूरी स्थिति और सभी सुधारों का विस्तृत विवरण कोर्ट के सामने रखूंगा।" सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि राधाकृष्णन समिति की सभी सिफारिशों को लागू किया जा रहा है।
सरकार के हलफनामे में क्या जानकारी होगी?
सॉलिसिटर जनरल के मुताबिक, सरकार अपने हलफनामे में प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उसकी सुरक्षित डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया का ब्योरा देगी। इसके अलावा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा की संभावना, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल और साइबर सुरक्षा उपायों से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी कोर्ट के समक्ष रखी जाएगी। सरकार यह भी बताएगी कि तकनीकी रूप से परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख सवाल
अदालत ने केंद्र से अपने हलफनामे में कुछ विशिष्ट सवालों के स्पष्ट जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या भविष्य में NEET परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित बनाया जा सकता है? इसके साथ ही, कोर्ट ने परीक्षा से जुड़े डेटा की सुरक्षा व्यवस्था, साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी और इसकी निगरानी की प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी मांगी है। इन सभी पहलुओं पर स्पष्टता के बाद मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।
इनपुट: IANS



