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NASA ने चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर कही यह बात, वर्ल्ड मीडिया का ऐसा है रवैया

नासा ने सोमवार को अपने भारतीय समकक्ष इसरो को दूसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान -2 के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी और कहा कि नासा यह जानने के लिए उत्सुक है कि भारतीय…

NASA ने चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर कही यह बात, वर्ल्ड मीडिया का ऐसा है रवैया

नासा ने सोमवार को अपने भारतीय समकक्ष इसरो को दूसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान -2 के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी और कहा कि नासा यह जानने के लिए उत्सुक है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव के बारे में क्या-क्या पता लगाती है?

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नासा ने ट्वीट किया, “चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई, चंद्रमा का अध्ययन करने के लिए एक मिशन। हमें अपने डीप स्पेस नेटवर्क का उपयोग करके अपने मिशन कॉम्स का समर्थन करने पर गर्व है और आगे देखते हैं कि आप चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव के बारे में क्या सीखते हैं, जहां हम कुछ वर्षों में अपने #Artemis मिशन के जरिये अंतरिक्ष यात्रियों को भेजेंगे।”

चंद्रयान -2 का प्रक्षेपण ऐतिहासिक अपोलो 11 की 50 वीं वर्षगांठ पर हुआ है। अपोलो 11 मिशन के तहत इंसान पहली बार चंद्रमा पर उतरा था। वाशिंगटन पोस्ट ने चंद्रयान-2 के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत ने 2022 तक मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन भेजने के अपने इरादे की भी घोषणा की है। बता दें कि वाशिंगटन पोस्ट एक प्रमुख अमेरिकी समाचार पत्र है। उसने आगे लिखा कि भारत ने कम लागत वाली, देसी तकनीक से अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम संचालित किया है, यह राष्ट्रीय गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।

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विशेषज्ञों का हवाला देते हुए वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि दूसरा सफल प्रयास इसरो की तकनीकी क्षमताओं में विश्वास को उजागर करता है। अख़बार ने आगे कहा कि इसरो के चंद्रयान-2 का बजट 1.8 बिलियन डॉलर से भी कम है। इसकी तुलना में नासा को इस वर्ष ऐसे ही मिशन के लिए धनराशि में 21.5 बिलियन डॉलर मिले हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने टिप्पणी की, “यदि यह चंद्रयान-2 मिशन चंद्रमा के बाकी हिस्सों में जाता है, तो भारत 20,00,00 मील से अधिक दूर चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा राष्ट्र बन जाएगा। इसका लक्ष्य रहस्यमयी दक्षिणी ध्रुव के पास का एक क्षेत्र है, जहाँ किसी अन्य मिशन ने खोजबीन नहीं की है।”

वहीं CNN ने टिप्पणी की कि यह मिशन भारत के लिए महत्वपूर्ण है। भारत एक प्रमुख अंतरिक्ष प्लेयर बनना चाहता है और 2022 तक भारत अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेज सकता है।

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द गार्जियन ने बताया कि चंद्रयान -2 का लक्ष्य चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव क्षेत्र की सतह पर लैंडिंग का है, जहाँ यह महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र करेगा।

टाइम्स ऑफ लंदन ने बताया कि भारत ने चंद्रमा पर एक रॉकेट लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर रोवर को उतारना है। चीन की सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने चंद्रयान -2 के प्रक्षेपण के लिए व्यापक कवरेज दी।

PV

Pradeep Verma

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