नोएडा के सेक्टर 15A बूथ पर भाजपा के प्रत्याशी के द्वारा ‘नमो फूड’ के पैकेट बांटते हुए पाए गये हैं. सूत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक खाने के पैकेट्स पुलिस कर्मियों के लिए लाये गये थे, लेकिन मीडिया के वाहनों को देखकर खाने की गाड़ियाँ आगे निकल गयीं.
हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से दी गयी सफाई में कहा गया है कि असल में इन पैकेज को भेजने वाले रेस्टोरेंट का नाम ही ‘नमो फूड्स’ है.
इस घटना के बाद यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है अथवा नहीं?
इसके इसके अलावा कल चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी पर बायोपिक समेत ऐसी समस्त फिल्मों पर रोक लगा दिया है जोकि राजनीति से प्रेरित हैं अथवा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करती हैं.
चुनाव आयोग ने बताया है कि “बायोग्राफी या हेगियोग्राफी की प्रकृति का कोई भी बायोपिक जिससे कोई भी राजनीतिक संस्थान या कोई व्यक्तिगत रूप से जुड़ा हो या जो सभी दावेदारों को समान अवसर उपलब्ध कराने के सिद्धांत से मेल न खाता हो, उसका आदर्श आचार संहित के दौरान सिनेमोटोग्राफी सहित इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर प्रसारण नहीं होना चाहिए.”
इसी के साथ यह नियम नमो टीवी के प्रसारण पर भी रोक लगाता है, अगर कोई भी संस्था इस नियम को तोड़ती है तो उसके आदर्श अचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा.

