NEET पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग पर अड़ी कांग्रेस
NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर दिया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा है कि इस…
NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर दिया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए अपने विरोध प्रदर्शनों को जारी रखने का संकल्प लिया है।
“यह भाजपा-कांग्रेस नहीं, युवाओं के भविष्य का सवाल”
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारा प्रदर्शन नौजवानों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए है, और इनका (भाजपा) प्रदर्शन कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए हो रहा है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा दलीय राजनीति से ऊपर है। खेड़ा के मुताबिक, “बात भाजपा या कांग्रेस की नहीं है; अब बात हमारे नौजवानों के भविष्य की है।” उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की।
पवन खेड़ा ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार को पेपर लीक की घटनाओं पर तुरंत लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। इस मामले में संसद में चर्चा की जानी चाहिए। छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेना चाहिए। यह हमारी मांग है।”
सरकार के रवैये पर सवाल
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की एक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने सवाल किया, “वे तय करेंगे कि राहुल गांधी को क्या करना चाहिए? यह कैसा लोकतंत्र है। सरकार तय करेगी कि विपक्ष को क्या कहना चाहिए या क्या नहीं कहना चाहिए?” उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस अपनी मांगों पर अडिग है और युवाओं के लिए सड़क पर संघर्ष करती रहेगी।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि इसकी कोई ज़रूरत नहीं थी। दलवई ने पिछली कांग्रेस सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा, “कांग्रेस की सरकार में विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से एक शिष्टमंडल बातचीत के लिए भेजा जाता था। यह सरकार यहां की संस्कृति के खिलाफ है।”
“मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश”
एक अन्य कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है। AAP सांसद संजय सिंह की एक टिप्पणी पर उन्होंने कहा, “मैं संजय सिंह को जवाब नहीं देना चाहता... हालांकि, मैं संजय सिंह से यह कहना चाहता हूं, यह स्टूडेंट्स से जुड़ा मुद्दा है। बच्चों के भविष्य के मामले में छोटी या छोटी सोच वाली पॉलिटिक्स की कोई जगह नहीं है।”
इनपुट: IANS



