मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा: WhatsApp फ्रॉड की जांच में 72 करोड़ की देशव्यापी ठगी का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
मुंबई में एक निजी कंपनी से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की जांच करते हुए पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो देश भर में लगभग 72 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका था। समाचार…
मुंबई में एक निजी कंपनी से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की जांच करते हुए पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो देश भर में लगभग 72 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिलसिले में पुलिस ने कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और देशभर में दर्ज 255 साइबर अपराध के मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
यह पूरा मामला 30 जुलाई को सामने आया, जब मुलुंड की एक कंपनी के अकाउंटेंट को व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने अपनी डिस्प्ले पिक्चर (DP) में कंपनी के मालिक की तस्वीर लगा रखी थी और अकाउंटेंट को कंपनी के खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। धोखाधड़ी का पता चलने पर मुलुंड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
कैसे सुलझी 72 करोड़ की धोखाधड़ी की गुत्थी
जांच के दौरान पुलिस के तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि ठगे गए 10 लाख में से 5.50 लाख रुपये उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित एक बैंक खाते में जमा किए गए थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मेरठ से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गाजियाबाद से एक, वडोदरा (गुजरात) से एक और मुंबई के कांदिवली से एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5.50 लाख रुपये नकद और 5 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
आरोपियों के काम करने का तरीका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बैंक खातों और सिम कार्ड की खरीद-बिक्री करता था। IANS के अनुसार, आरोपी आम लोगों के मोबाइल फोन में एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल करवाकर उनके बैंक खातों का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। फिर इन खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसे मंगाने के लिए किया जाता था। बाद में इस रकम को कई अलग-अलग खातों में घुमाया जाता और अंत में नकद निकालकर उसे यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था।
गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के मोबाइल से 11 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिन पर 21 राज्यों में 182 साइबर शिकायतें दर्ज थीं। वहीं, दूसरे आरोपी के 49 बैंक खातों से जुड़ी 73 शिकायतें पाई गईं। इन्हीं सभी शिकायतों में ठगी गई कुल रकम करीब 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान पुलिस ने भी मुंबई पुलिस का सहयोग किया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कमीशन के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अजनबी को न दें। साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल को इंस्टॉल करने से बचें और किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
इनपुट: IANS



