धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी के दाम लुढ़के, चांदी 3700 रुपये तक सस्ती हुई
त्योहारी मौसम की खरीदारी शुरू होने से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों बाजारों में इन…
त्योहारी मौसम की खरीदारी शुरू होने से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों बाजारों में इन कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखा गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में उम्मीद से ज़्यादा महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के चलते एमसीएक्स पर सोना 800 रुपये से ज़्यादा और चांदी 3,700 रुपये तक टूट गई।
शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 0.59% यानी 800 रुपये से ज़्यादा गिरकर 1,41,753 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर आ गया। इसका पिछला बंद भाव 1,42,596 रुपये था। वहीं, चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी 1.96% यानी 3,730 रुपये लुढ़ककर 1,85,723 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,89,453 रुपये था।
कीमतों में गिरावट के पीछे क्या हैं वजहें?
कीमतों में इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कारक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में सितंबर में कोर पीसीई महंगाई 0.3% बढ़ी है, जबकि वार्षिक दर 3.1% पर पहुंच गई। इसके अलावा, तीसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की 3.4% की मजबूत वृद्धि दर ने इस संभावना को बल दिया है कि वहां का केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व, ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की 80% से अधिक संभावना है, जिसका सीधा असर सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर पड़ रहा है।
इसी वैश्विक कमजोरी का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा, जहां सोना लगभग 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोना करीब 0.28% गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 1.20% टूटकर 51.750 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
क्या और गिरेंगी कीमतें?
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि सोना फिलहाल 1.40 लाख से 1.41 लाख रुपये के एक महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के पास है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमतें 1.37 लाख से 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक भी जा सकती हैं। चांदी के लिए अगला प्रमुख सपोर्ट 1.83 लाख से 1.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर माना जा रहा है।
यह गिरावट चांदी के लिए besonders महत्वपूर्ण है। इस साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में चांदी ने 4,20,048 रुपये का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था, लेकिन अब यह अपने उस रिकॉर्ड स्तर से आधे से भी कम कीमत पर उपलब्ध है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा कीमतें लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी खरीदारों के लिए आकर्षक हो सकती हैं। हालांकि, अल्पकाल में बाजार की दिशा फेडरल रिजर्व की नीति, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से तय होगी, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
इनपुट: IANS



