शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाला: ED ने मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में की छापेमारी, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा

देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी और निवेश धोखाधड़ी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में कई जगहों पर तलाशी…

ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाला: ED ने मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में की छापेमारी, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा
(फोटो: IANS)

देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी और निवेश धोखाधड़ी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह जांच 'ऑल पैनल एक्सचेंज' नामक एक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़े मामले में की गई है।

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यह पूरा मामला तब सामने आया जब जलगांव पुलिस ने एक शिकायतकर्ता की FIR दर्ज की, जिसे व्हाट्सएप के जरिए इस प्लेटफॉर्म पर गेम खेलने और सट्टा लगाने का लालच दिया गया था। शुरुआत में पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए उसे छोटी रकम निकालने की अनुमति दी गई, लेकिन जब उसने बड़ी रकम निवेश कर दी, तो उसके निकासी अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया और प्लेटफॉर्म के ऑपरेटरों ने जवाब देना बंद कर दिया।

कैसे काम करता था यह धोखाधड़ी का नेटवर्क

ED की जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ितों से जुटाई गई रकम को पुणे स्थित एक कंपनी 'एडसोम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड' के बैंक खातों में भेजा जाता था। इन खातों में फर्जी खातों और बिचौलियों के जरिए करोड़ों रुपए जमा किए गए थे। जांच में यह भी पता चला कि एडसोम फिनटेक और उससे जुड़ी कंपनियों के खाते देशभर में दर्ज कई साइबर अपराधों से जुड़े हैं, जिनमें ऑनलाइन गेमिंग, निवेश, शेयर ट्रेडिंग और क्रिप्टो धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं।

फर्जी कंपनियां और क्रिप्टो का इस्तेमाल

एजेंसी ने पाया कि धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों को छिपाने के लिए फर्जी कंपनियों का एक पूरा जाल बिछाया गया था। इस पैसे को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल संपत्ति में बदला गया और फिर विदेशी संस्थाओं या व्यक्तियों को भेज दिया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था और इनके निदेशक भी फर्जी थे, जिन्हें दूसरे लोग नियंत्रित कर रहे थे।

ED के अनुसार, एक व्यक्ति ने एक क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके क्रिप्टो एक्सचेंज पर खाता खोला। इस खाते के जरिए लगभग 800 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया। इस रकम का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर अवैध गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के जरिए भोले-भाले लोगों से की गई धोखाधड़ी से आया था। तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत जब्त किए गए हैं, और कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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