दिल्ली: मानसून की तैयारियों पर LG सख्त, बोले - लापरवाही पर अधिकारी होंगे जवाबदेह
दिल्ली को मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से बचाने की तैयारियों में प्रशासन ने इस साल बड़ी सफलता हासिल की है। राजधानी में जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों (हॉटस्पॉट) की संख्या पिछले दो वर्षों में 194…
दिल्ली को मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से बचाने की तैयारियों में प्रशासन ने इस साल बड़ी सफलता हासिल की है। राजधानी में जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों (हॉटस्पॉट) की संख्या पिछले दो वर्षों में 194 से घटकर अब केवल 34 रह गई है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को उपराज्यपाल टी.एस. संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की संयुक्त अध्यक्षता में हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक में यह जानकारी सामने आई।
बैठक का मुख्य एजेंडा मानसून से जुड़ी तैयारियों, शहरी बाढ़ से निपटने की योजना और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के गठन की प्रगति की समीक्षा करना था। इस दौरान उपराज्यपाल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जलभराव और शहरी बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि तैयारी में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
जलभराव के हॉटस्पॉट में भारी कमी
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में दिल्ली में 194 जगहों पर गंभीर जलभराव होता था, जो 2025 में घटकर 169 हो गया। इस साल यह संख्या काफी कम होकर केवल 34 पर आ गई है। अधिकारियों ने बताया कि 2025 और 2026 के बीच सिर्फ आठ स्थान ही ऐसे रहे, जहां जलभराव की समस्या बनी रही। बैठक में यह भी माना गया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जलभराव की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार है, लेकिन मौसम विभाग द्वारा अचानक भारी बारिश की चेतावनी के चलते सतर्कता बरतने की जरूरत है।
नालों और सीवर की सफाई की स्थिति
समीक्षा में बताया गया कि एमसीडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, एनडीएमसी और डीडीए ने नालों से गाद निकालने का काम लगभग पूरा कर लिया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने 95% और दिल्ली जल बोर्ड ने अपनी सीवर लाइनों की 85% से 91% तक सफाई पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए कि निकाली गई गाद को फौरन हटाया जाए और किसी भी मैनहोल या नाले को खुला न छोड़ा जाए, क्योंकि ऐसी लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं पर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है।
अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
बैठक के अंत में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को कई अहम निर्देश दिए। इनमें मोबाइल हैवी-ड्यूटी पंपों को हर समय तैयार रखने, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने, जमीनी स्तर पर निगरानी बनाए रखने और पड़ोसी राज्यों से बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया। साथ ही, दिल्ली में SDRF को जल्द से जल्द पूरी क्षमता से सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।
इनपुट: IANS



