शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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MMDR संशोधन बिल: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दी आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी, केंद्र से कानून वापस लेने की मांग

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे वापस न लेने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार…

MMDR संशोधन बिल: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दी आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी, केंद्र से कानून वापस लेने की मांग
(फोटो: IANS)

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे वापस न लेने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार ने यह बिल वापस नहीं लिया, तो झारखंड से खनिजों का परिवहन रोक दिया जाएगा, जिससे पूरे देश को 'आर्थिक नाकेबंदी' का सामना करना पड़ेगा।

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समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में JMM के महासचिव बिनोद पांडेय ने कहा कि इस बिल का सबसे ज़्यादा प्रतिकूल असर झारखंड पर पड़ेगा। उन्होंने बिल को संसद में जल्दबाज़ी में पारित करने के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "कल जिस तरह से लोकसभा और राज्यसभा से एमएमडीआर बिल आनन-फानन में पास किया गया, यह भी नहीं सोचा गया कि इससे किन राज्यों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा। उस बिल को कहीं पांच मिनट में, कहीं एक मिनट में पास करके राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए भेज दिया गया।"

सरकार और पार्टी स्तर पर विरोध

इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर इस विधेयक को तत्काल वापस लेने का अनुरोध किया है। पार्टी के महासचिव बिनोद पांडेय के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पार्टी के सभी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात की है और उन्हें हर हाल में इस बिल का विरोध करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

आंदोलन की रणनीति तैयार

बिनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि JMM ने केंद्र के रुख को देखते हुए अपनी आगामी रणनीति बना ली है, जिसका खुलासा सही समय पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरणों में धरना-प्रदर्शन और जन-जागरण अभियान जैसे कार्यक्रम होंगे। पांडेय के अनुसार, सभी जिला समितियों और संगठनों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी, "अगर फिर भी इस बिल को वापस नहीं लिया गया तो इस राज्य से सभी खनिज पदार्थ का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। यहां से बाहर खनिज पदार्थ नहीं जाएंगे और आर्थिक नाकेबंदी का सामना पूरा देश करेगा।"

छात्र आंदोलन पर भी दिया बयान

इस दौरान, JMM महासचिव ने राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए हमेशा तैयार है और उनके लिए दरवाज़े खुले हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ तीन दौर की वार्ता हो चुकी है और उनकी जायज़ मांगों पर मुख्यमंत्री ने सहमति भी जताई है। पांडेय ने यह भी कहा कि जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सरकार ने छात्रों के आंदोलन से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी थी और कई दोषी जेल में हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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