MLC चुनाव: महायुति में दरार की खबरों के बीच शिंदे की शिवसेना नेताओं को सख्त हिदायत—'दोस्ती में कुश्ती नहीं'
महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद सत्ताधारी महायुति गठबंधन में दिख रही दरार को भरने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी शिवसेना के…
महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद सत्ताधारी महायुति गठबंधन में दिख रही दरार को भरने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी शिवसेना के नेताओं और पदाधिकारियों को सहयोगियों, खासकर भाजपा के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी से बचने का कड़ा निर्देश दिया है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि "दोस्ती में कुश्ती नहीं होनी चाहिए"।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया जब नतीजों के बाद भाजपा ने पुणे और नागपुर में शिवसेना से पर्याप्त सहयोग न मिलने का खुलेआम आरोप लगाया, जिसे गठबंधन के लिए एक झटके के रूप में देखा गया। इसके बाद दोनों तरफ से बयानबाजी हुई, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे थे। इसी पृष्ठभूमि में गुरुवार रात एक अहम बैठक में शिंदे ने अपने नेताओं को संयम बरतने और कम बोलने की नसीहत दी।
सहयोगियों की आलोचना पर रोक
एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं और अन्य पदाधिकारियों को मीडिया से बात करते समय सहयोगी दलों की किसी भी तरह की आलोचना से बचने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों का गठबंधन के तौर पर आत्ममंथन किया जाएगा और इस दौरान हुई गलतियों को भविष्य में दोहराया नहीं जाएगा। शिंदे का मानना है कि आपसी विवादों का फायदा विपक्ष को नहीं मिलना चाहिए।
हार के कारणों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि हर सीट पर मिली हार की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके लिए उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों से एक रिपोर्ट मांगी है, जिसमें यह बताने को कहा गया है कि गठबंधन के तौर पर काम करते हुए कहां चूक हुई। शिंदे ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर महायुति की समन्वय समिति और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। फिलहाल, उन्होंने सभी नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है।
इनपुट: IANS



