शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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इटली में स्कूलों में बुर्का-नकाब पर प्रतिबंध की तैयारी, जॉर्जिया मेलोनी सरकार लाएगी प्रस्ताव

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस…

इटली में स्कूलों में बुर्का-नकाब पर प्रतिबंध की तैयारी, जॉर्जिया मेलोनी सरकार लाएगी प्रस्ताव
(फोटो: IANS)

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम के साथ ही इटली भी यूरोप के उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां इस तरह के नियम पहले से लागू हैं। सरकार का यह भी इरादा है कि प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित की जाए और उन छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाए, जिन्हें देश की संस्कृति को समझने में कठिनाई होती है।

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प्रधानमंत्री मेलोनी ने रविवार को अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा संगठन के एक कार्यक्रम में इन योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा, "इन उपायों से जुड़ा प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा सीखनी, संस्कृति को समझना और कानूनों का सम्मान करना चाहिए।" यह प्रस्तावित नियम विशेष रूप से स्कूलों पर केंद्रित होगा और इसे कानून बनने के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता होगी।

विदेशी छात्रों के लिए भी नए नियम

स्कूलों में चेहरा ढकने पर रोक के अलावा सरकार कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या की एक कानूनी सीमा भी तय करने पर विचार कर रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह सीमा कितनी होगी। मौजूदा समय में इटली के स्कूलों में नामांकित कुल छात्रों में विदेशी नागरिकों की हिस्सेदारी लगभग 11.6 प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि 2010 की एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत गैर-इतालवी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा पहले से मौजूद है, लेकिन कई जगहों पर इसका पूरी तरह से पालन नहीं हो पाया है।

यूरोप के कई देशों में पहले से है प्रतिबंध

सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध का मुद्दा इटली के लिए नया नहीं है। देश में 1975 से एक कानून लागू है जो ऐसे हेलमेट या कपड़ों के इस्तेमाल को रोकता है जिससे व्यक्ति की पहचान मुश्किल हो। हालांकि, बुर्का या नकाब पर अब तक कोई राष्ट्रव्यापी और स्पष्ट प्रतिबंध नहीं था।

यूरोप के कई अन्य देश पहले ही ऐसे प्रतिबंध लागू कर चुके हैं। फ्रांस और बेल्जियम ने 2011 में ही सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद बुल्गारिया (2016), ऑस्ट्रिया (2017), डेनमार्क (2018), नीदरलैंड्स (2019) और स्विट्जरलैंड (2023) ने भी अलग-अलग स्तर के प्रतिबंध लागू किए। जर्मनी में कोई राष्ट्रव्यापी सामान्य प्रतिबंध नहीं है, लेकिन कुछ सरकारी कर्मचारियों और सैन्यकर्मियों के लिए नियम लागू हैं, साथ ही कई राज्यों में स्कूलों के लिए भी अलग-अलग नियम हैं।

इनपुट: IANS

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