सोमवार, 29 जून 2026 · नई दिल्ली
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वॉलीबॉल में इतिहास रचने के बाद टीम इंडिया खेल मंत्री मांडविया से मिली, FIVB रैंकिंग में 18 पायदान की छलांग

भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने रविवार को मेंस वॉलीबॉल कप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया — और इस उपलब्धि का असर FIVB वर्ल्ड रैंकिंग में भी साफ दिखा। टीम 60वें स्थान से

वॉलीबॉल में इतिहास रचने के बाद टीम इंडिया खेल मंत्री मांडविया से मिली, FIVB रैंकिंग में 18 पायदान की छलांग
(फोटो: IANS)

भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने रविवार को मेंस वॉलीबॉल कप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया — और इस उपलब्धि का असर FIVB वर्ल्ड रैंकिंग में भी साफ दिखा। टीम 60वें स्थान से सीधे 42वें पायदान पर आ गई, यानी एक झटके में 18 स्थानों की बड़ी छलांग।

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IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को गांधीनगर में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने वाली राष्ट्रीय टीम को सम्मानित किया और खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ तथा सपोर्ट स्टाफ को बधाई दी।

पूल स्टेज में अजेय, फिर बहरीन को 3-1 से हराया

कप्तान जेरोम विनिथ चार्ल्स की अगुवाई और सर्बिया के कोच ड्रैगन मिहाइलोविच के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने इस कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम पूल स्टेज में एक भी मैच नहीं हारी और ब्रॉन्ज मेडल प्लेऑफ में बहरीन को 3-1 से पराजित करते हुए टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार पोडियम पर जगह बनाई। यह भी उल्लेखनीय है कि भारत पहली बार इस टूर्नामेंट का मेजबान भी था।

मांडविया बोले — "यह मेडल सिर्फ शुरुआत है"

खिलाड़ियों से मुखातिब होते हुए खेल मंत्री मांडविया ने कहा, "यह मेडल ऐतिहासिक है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत होनी चाहिए। हर उपलब्धि बड़ी जिम्मेदारी और ज्यादा उम्मीदें लेकर आती है। सरकार की हर नीति, हर निवेश और हर कोशिश का मकसद हमारे एथलीट्स को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करना है।"

उन्होंने घरेलू मैदान पर पोडियम फिनिश को भारतीय वॉलीबॉल की निरंतर प्रगति का प्रमाण बताया और कहा कि यह देश की बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की बढ़ती क्षमता को भी रेखांकित करता है।

सरकार की दीर्घकालिक खेल नीति पर जोर

मंत्री मांडविया ने टीम के सामने सरकार की खेल दूरदर्शिता का खाका भी रखा। उनके अनुसार अकादमी विकास, टैलेंट की पहचान, स्पोर्ट्स साइंस, एथलीट कल्याण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव — ये सभी पहलू मिलकर भारत को दुनिया के प्रमुख खेल देशों की पंक्ति में खड़ा करने की नींव बन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस ब्रॉन्ज मेडल की सफलता देश भर में वॉलीबॉल खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।

"भारतीय खेल जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, वह बहुत उत्साहजनक है। सरकार ने प्लानिंग, इन्वेस्टमेंट और एथलीट सपोर्ट सिस्टम के लिए जो इंतजाम किए हैं और जिनकी योजना बनाई जा रही है, वे हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स के लिए बहुत जरूरी हैं। अगर यह रफ्तार बनी रही, तो मुझे यकीन है कि भारत हर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में नियमित रूप से पोडियम पर जगह बनाएगा," मांडविया ने कहा।

कप्तान चार्ल्स ने सरकार और दर्शकों को दिया श्रेय

कप्तान जेरोम विनिथ चार्ल्स ने इस जीत का श्रेय सरकारी समर्थन और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को दिया। उन्होंने कहा, "हम सरकार से मिले अटूट समर्थन के लिए बहुत आभारी हैं। विश्व स्तरीय सुविधाओं, ट्रेनिंग के माहौल, रिकवरी की व्यवस्था और कुल मिलाकर मिले समर्थन की वजह से हम पूरी तरह से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर पाए। यह ऐतिहासिक मेडल सिर्फ हमारा नहीं, बल्कि हर उस भारतीय का है जो स्टेडियम में मौजूद था और पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारा हौसला बढ़ाता रहा। उनके प्रोत्साहन ने हमें हर प्वाइंट के लिए लड़ने की ताकत दी।"

इनपुट: IANS

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