गुरूवार, 2 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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मनरेगा की जगह अब 'जी राम जी' योजना: 125 दिन के रोजगार की गारंटी, 5 साल में खर्च होंगे 7.5 लाख करोड़

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को अब एक नए और विस्तारित स्वरूप में लागू किया गया है, जिसका नाम 'विकसित भारत- जी राम जी योजना' (VB-GRG) है। इस नई योजना के तहत अब ग्रामीण

मनरेगा की जगह अब 'जी राम जी' योजना: 125 दिन के रोजगार की गारंटी, 5 साल में खर्च होंगे 7.5 लाख करोड़
(फोटो: IANS)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को अब एक नए और विस्तारित स्वरूप में लागू किया गया है, जिसका नाम 'विकसित भारत- जी राम जी योजना' (VB-GRG) है। इस नई योजना के तहत अब ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की पक्की गारंटी मिलेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले से इस योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ किया।

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इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह सिर्फ दिनों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की सोच में बदलाव है कि किसी भी मजदूर का हाथ खाली न रहे। उन्होंने बताया कि योजना लागू होने के पहले ही दिन देश भर में लाखों मजदूरों को काम मिला।

योजना का वित्तीय आवंटन और ढाँचा

शिवराज सिंह चौहान ने योजना के वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अगले पाँच वर्षों में इस पर कुल 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि अकेले पहले साल में ही केंद्र सरकार का हिस्सा 95,000 करोड़ रुपये से अधिक होगा, और राज्यों की 40% हिस्सेदारी मिलाकर यह राशि लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इस आवंटन से देश की 2.86 लाख पंचायतों को हर साल औसतन 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार सृजन और स्थायी संपत्तियों का निर्माण होगा।

मजदूरों के अधिकार और प्रशासनिक सुधार

नई योजना में मजदूरों के अधिकारों को कानूनी तौर पर मजबूत किया गया है। अब काम मांगने पर 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ऐसा नहीं होता है, तो मजदूर बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। मजदूरी में देरी की समस्या से निपटने के लिए ब्याज के साथ भुगतान का प्रावधान किया गया है। चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि अब किसी भी राज्य में न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक खर्च को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है, जिसमें ग्राम रोजगार सहायकों और अन्य जमीनी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं के लिए 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है।

ग्राम सभा को मिले अधिकार

योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि विकास कार्यों का निर्णय दिल्ली या राज्यों की राजधानियों से नहीं, बल्कि सीधे ग्राम सभा द्वारा लिया जाएगा। चौहान ने कहा, "गांव की जनता खुद तय करेगी कि उन्हें आंगनवाड़ी, स्कूल, सड़क या तालाब चाहिए... गांव का फैसला गांव में होगा, यही जी-राम जी योजना की आत्मा है।"

आंध्र प्रदेश के लिए विशेष घोषणाएँ

इस अवसर पर, केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश के लिए कई बड़ी घोषणाएँ कीं। राज्य को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 74,212 नए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 146 नई सड़कों और 19 पुलों के निर्माण के लिए 422 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई। उन्होंने यह भी बताया कि 'जी राम जी' योजना के तहत आंध्र प्रदेश को अगले 9 महीनों के लिए केंद्र से 7,707 करोड़ रुपये की विशेष राशि दी जा रही है। साथ ही, तोतापरी आम किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत बड़ी मात्रा में आम खरीदने का फैसला किया है।

इनपुट: IANS

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