केंद्र सरकार का फैसला: मणिपुर में जनगणना 2027 का पहला चरण स्थगित, बाकी देश में प्रक्रिया जारी रहेगी
केंद्र सरकार ने एक अहम फैसले के तहत मणिपुर में जनगणना-2027 के लिए होने वाले मकान सूचीकरण (हाउसलिस्टिंग) के काम को अगली सूचना तक के लिए टाल दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह प्रक्रिया देश के…
केंद्र सरकार ने एक अहम फैसले के तहत मणिपुर में जनगणना-2027 के लिए होने वाले मकान सूचीकरण (हाउसलिस्टिंग) के काम को अगली सूचना तक के लिए टाल दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह प्रक्रिया देश के बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही चलेगी, लेकिन मणिपुर को फिलहाल इससे अलग रखा गया है।
गृह मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी एक अधिसूचना में इस स्थगन की जानकारी दी गई। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा 5 सितंबर 2026 को जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने किया फैसले का स्वागत
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने केंद्र सरकार के इस कदम को "एक स्वागतयोग्य और महत्वपूर्ण फैसला" बताया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "आज राजपत्र (गजट) के माध्यम से जारी जनगणना स्थगन का निर्णय भारत सरकार द्वारा हमारे लोगों की वास्तविक चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने को दर्शाता है।" मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा, "हम मणिपुर के लोगों के वैध हितों की रक्षा करने तथा राज्य में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के अपने संकल्प पर दृढ़ हैं।"
अधिसूचना में क्या कहा गया?
अधिसूचना के अनुसार, यह 7 जनवरी 2026 को जारी एक पूर्व अधिसूचना में किया गया एक संशोधन है। पहले के आदेश में जनगणना के पहले चरण के लिए सभी राज्यों को शामिल किया गया था। हालांकि, अब इस संशोधित आदेश के बाद मणिपुर में यह काम कब शुरू होगा, इसके लिए अगली घोषणा का इंतजार करना होगा। गृह मंत्रालय ने फिलहाल इस स्थगन के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया है।
इनपुट: IANS



