मणिपुर: कांगपोकपी में 24 घंटे का बंद, कुकी-जो समुदाय ने न्याय और सुरक्षा की मांग की
मणिपुर के कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले में न्याय, सुरक्षा और पुनर्वास की मांग को लेकर 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह बंद कमेटी ऑन ट्राइबल…
मणिपुर के कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले में न्याय, सुरक्षा और पुनर्वास की मांग को लेकर 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह बंद कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) नामक संगठन ने बुलाया है, जो 20 अक्टूबर की आधी रात से शुरू होकर 21 अक्टूबर की आधी रात तक प्रभावी रहेगा।
संगठन ने यह कदम समुदाय के लोगों के लगातार हो रहे जान-माल के नुकसान, घरों के विनाश और जबरन विस्थापन के विरोध में उठाया है। COTU के मुताबिक, हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने और सुरक्षा बहाल करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। बंद के दौरान केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और जीवनरक्षक स्थितियों को छूट दी गई है।
बंद का कारण और प्रमुख चिंताएं
COTU द्वारा जारी एक बयान में समुदाय की कई चिंताओं को रेखांकित किया गया है। संगठन ने तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के मामले में कुकी-जो समुदाय के लोगों की कथित "अंधाधुंध गिरफ्तारी" पर आपत्ति जताई है। बयान में कहा गया है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के उनकी संलिप्तता स्थापित किए बिना की गई ये गिरफ्तारियां चिंताजनक हैं।
इसके अलावा, संगठन ने एनएससीएन-आईएम द्वारा पाओलेनमुंग थांगेओ की हत्या का भी जिक्र किया, जिससे समुदाय में असुरक्षा और दर्द की भावना और बढ़ गई है।
हिंसा से हुए नुकसान का दावा
अपने बयान में, COTU ने हिंसा के कारण हुए नुकसान के आंकड़े भी प्रस्तुत किए हैं। संगठन का दावा है कि इस हिंसा में कुकी-जो समुदाय के 32 लोगों की जान गई है। इसके अतिरिक्त, समुदाय के 30 गांव जला दिए गए, 271 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए और 2,516 लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा।
संगठन ने इस बंद को न्याय, जवाबदेही और समुदाय की सुरक्षा की मांगों को लेकर एक सामूहिक विरोध बताया है। COTU ने कुकी-जो समुदाय के सभी लोगों से एकजुट होकर शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से इस बंद का पालन करने की अपील की है।
इनपुट: IANS



