दिल्ली: अस्पताल में टेंडर बचाने के नाम पर रिश्वतखोरी, CBI ने डॉक्टर समेत दो को दबोचा
दिल्ली के पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में एक टेंडर को रद्द होने से बचाने और बिलों के भुगतान में सहूलियत देने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS के…
दिल्ली के पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में एक टेंडर को रद्द होने से बचाने और बिलों के भुगतान में सहूलियत देने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अस्पताल के एक मेडिसिन विशेषज्ञ और एक संविदा पर्यवेक्षक को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मेडिसिन विभाग के स्पेशलिस्ट डॉ. हरेंद्र कुमार और नर्सिंग ऑर्डरली सुपरवाइजर प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। डॉ. हरेंद्र अस्पताल में आउटसोर्सिंग के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे, जबकि प्रदीप कुमार संविदा पर कार्यरत थे।
क्यों और कैसे मांगी गई रिश्वत?
CBI ने यह कार्रवाई बुधवार को मिली एक शिकायत के आधार पर की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि डॉ. हरेंद्र कुमार ने उनसे 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। एजेंसी के मुताबिक, यह घूस शिकायतकर्ता को मिले एक टेंडर को जारी रखने, उसके बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और उसकी फाइल पर अनावश्यक आपत्तियां (रेड फ्लैग) न लगाने के बदले मांगी गई थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाया। एजेंसी का दावा है कि डॉ. हरेंद्र कुमार ने प्रदीप कुमार के माध्यम से 1 लाख रुपये की रिश्वत ली, जिसके तुरंत बाद दोनों को पकड़ लिया गया।
जांच का अगला चरण
फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रिश्वतखोरी के रैकेट में कोई और व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। एजेंसी ने इस कार्रवाई को भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया है और नागरिकों से भ्रष्टाचार की सूचना देने की अपील की है।
इनपुट: IANS



